संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। द कैथल सहकारी चीनी मिल परिसर में रिवुलीस इरिगेशन के सौजन्य से रिवुलीस इरिगेशन के सौजन्य से वंसत कालीन गन्ना बिजाई संगोष्ठी आयोजित की गई। इसमें प्रबंध निदेशक ब्रह्य प्रकाश ने कहा कि कहा कि धरती पर जीवन के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए जल का संरक्षण और उसका बचाव बहुत जरूरी है। पूरे ब्रह्मांड में एक अपवाद के रूप में धरती पर जीवन च्रक को जारी रखने में जल मदद करता है।
उन्होंने कहा कि बिना जल के जीवन संभव नहीं है। जल संरक्षण के लिए हमें अतिरिक्त प्रयास करने की जरूरत नहीं है, हमें केवल अपने प्रतिदिन की गतिविधियों में कुछ सकारात्मक बदलाव करने की जरूरत है जैसे हर इस्तेमाल के बाद नल को ठीक से बंद करें। फव्वारे या पाइप के बजाए धोने या नहाने के लिए बाल्टी और मग का इस्तेमाल करें। किसान टपका विधि द्वारा सिंचाई कर जल संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण सहभागिता निभा सकते है।
उन्होंने कहा कि मिल के ने कहा की किसान 31 मार्च तक चार फीट की दूरी पर अधिक से अधिक गन्ने की बिजाई करें। गन्ने की बिजाई से पूर्व गन्ने का बीज उपचार करना चाहिए। इसके लिए मिल के पास गर्म हवा के दो सयंत्र उपलब्ध है, जो किसानों को बीज उपचार के लिए निशुल्क उपलब्ध कराए जा रहे हैं। किसान गन्ने की बसंत कालीन बिजाई के साथ-साथ मूंग, उड़द, तरबूज, खरबूज, ककड़ी व खीरा की मिश्रित खेती कर अपनी आमदनी को दोगुनी कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि करनाल चीनी मिल की बीज नर्सरी से किसानों को सीओ 89003, सीओ 118 व सीओएच 160 किस्म का टिश्यू कल्चर उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसानों को हरियाणा कृषि विवि हिसार के कौल केंद्र से सीओ 238, सीओ 118 व सीओएच 160 किस्म का ब्रिडर सीड उपलब्ध करवाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रिवुलीस सिंचाई संबंधित समस्याओं का पता लगाने के किसानों को निशुल्क जानकारी उपलब्ध करवाई जाती है। इस मौके पर मिल के गन्ना विकास अधिकारी रामपाल सिंह, गन्ना प्रबंधक जसमिंद्र सिंह, रिवुलीस इरिगेशन प्रसार अधिकारी वरुण विश्रा ने भी अपने विचार सांझा किए और टपका विधि से सिंचाई की विस्तृत जानकारी दी। इस मौके पर गन्ना विपणन अधिकारी देशराज, राजबीर सिंह, राजपाल सिंह, सुनील तंवर, जसमेर सिंह मिकाडा आदि मौजूद रहे।