संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की ओर से वीरवार को गांव बदसुई में जल अर्पण दिवस के उपलक्ष्य में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीणों को जल संरक्षण, पेयजल योजनाओं के रखरखाव और सामुदायिक सहभागिता के महत्व से अवगत कराना रहा।
विभाग के कार्यकारी अभियंता अभिषेक शेर ने कहा कि जल अर्पण दिवस के अवसर पर विभिन्न गांवों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ‘हर घर जल’ का संकल्प केवल पाइपलाइन बिछाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्राम स्तर पर आत्मनिर्भरता और सामुदायिक सहभागिता को सशक्त करने का अभियान है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित जल जीवन मिशन ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल उपलब्धता के परिदृश्य को बदलने का कार्य किया है। जल अर्पण दिवस उसी सोच का विस्तार है, जिसके माध्यम से पेयजल योजनाओं को समुदाय को समर्पित कर उनमें स्वामित्व और जिम्मेदारी की भावना विकसित की जाती है।
अभिषेक शेर ने ग्रामीणों से आह्वान किया कि जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जाए और प्रत्येक व्यक्ति जल बचाने का संकल्प ले। उन्होंने कहा कि जल की एक-एक बूंद अमूल्य है और भविष्य की पीढ़ियों के लिए इसे संरक्षित करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जिला सलाहकार दीपक कुमार ने ग्राम जल एवं सीवरेज समिति की भूमिका पर कहा कि यह समिति जलापूर्ति योजनाओं के संचालन और रखरखाव में महत्वपूर्ण कड़ी है। समिति लीकेज की निगरानी, जल गुणवत्ता की नियमित जांच, विद्युत व्यय प्रबंधन तथा उपभोक्ताओं के साथ समन्वय स्थापित करने का कार्य करती है।
इस अवसर पर ब्लॉक रिसोर्स कोऑर्डिनेटर रघुबीर सिंह, सरपंच दिल्लुराम, ग्राम सचिव जसविंदर सिंह आदि ग्रामीण उपस्थित रहे।