संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। पाबला रोड के पास पावर हाउस के नजदीक स्थित बीपीएल आवासीय कॉलोनी के लोग वर्षों से नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। कॉलोनी की कच्ची गलियों में फैला कीचड़ और पानी इस बात का सबूत है कि शासन-प्रशासन द्वारा अभी तक कॉलोनी में पक्की गलियों का निर्माण नहीं किया गया।
रामदास, श्याम लाल, जसबीर, काला मिस्त्री, बलवान, सुखबीर, मेवाराम, नरेश कुमार, राजेश, सुशील और राजेंद्र ने बताया कि सरकार द्वारा 100-100 गज के प्लॉट आवंटित करने के बाद भी गरीब कॉलोनीवासियों की गलियों पर ध्यान नहीं दिया गया। बरसात के दिनों में कच्ची गलियों से गुजरना लगभग असंभव हो जाता है। सबसे अधिक कठिनाई बुजुर्गों और दिव्यांग व्यक्तियों को हो रही है। व्हीलचेयर पर चलने वाले दिव्यांग अपने घरों में कैद हो गए हैं क्योंकि गलियों में पानी और कीचड़ के कारण बाहर निकलना मुश्किल है।
कॉलोनीवासियों ने बताया कि उन्होंने कई बार सरपंच, विधायक और प्रशासनिक अधिकारियों से गलियों को पक्का करने की मांग की, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला।
चुनावी वादे भी नहीं निभाए
स्थानीय विधायक सतपाल जांबा ने विधानसभा चुनाव से पहले कॉलोनी में आकर कहा था कि “विधायक बनते ही पहली प्राथमिकता आपकी गलियों को पक्का करवाना होगी।” लेकिन चुनाव जीतने के बाद कॉलोनीवासियों को किया गया यह वादा अब तक पूरा नहीं हुआ। कॉलोनी वासी प्रशासन और सरकार से कई बार गुहार लगा चुके हैं, लेकिन किसी भी दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए।
समस्या का निवारण जल्द होगा ः कुसुम
सरपंच कुसुम ने बताया कि गांव कौल की बीपीएल कॉलोनी समेत पूरे गांव में महाग्राम योजना के तहत सीवरेज लाइन कार्य चलने के कारण गलियां टूट गई हैं। इसके लिए जिला परिषद अध्यक्ष कर्मबीर कौल और विधायक सतपाल जांबा को अवगत करवा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही समस्या का निवारण करवा दिया जाएगा।