संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कमालपुर गांव में दिल्ली-कटरा हाईवे पर पुल निर्माण की मांग को लेकर 27 दिन से जारी किसानों के धरने के बीच अब शुक्रवार को गांव दुब्बल के ग्रामीणों ने पानी की समस्या पर प्रशासन को आंदोलन की चेतावनी दे दी।
किसान बलवान नंबरदार, शेरा, रणधीर सिंह, होशियार सिंह, सुभाष, राममेहर, रामफल, विक्रम सिंह, शीशपाल व बलराज ने कहा कि का कहना है कि यदि सिंचाई संसाधन का रास्ता तबदील किया तो न केवल कई मोड़ इसमें आएंगे, बल्कि गांव का करीब 500 एकड़ कृषि रकबे को पानी नहीं मिल पाएगा। वे निरंतर इस मांग को उठा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सितंबर माह में एजेंसी ने जल्द समस्या निवारण का आश्वासन दिया था। इसके चलते किसानों ने उस दौरान आंदोलन को स्थगित कर दिया था। लेकिन तीन माह का समय बीत जाने के बाद भी समस्या का निवारण करने की बजाए सड़क निर्माण एजेंसी फिर से सिंचाई संसाधन को मौका स्थल से उखाड़कर अन्य स्थान पर तबदील करना चाहती है।
जानकारी मिलते ही एसडीएम राजस्व, सिंचाई, निर्माण एजेंसी और अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान किसानों ने कहा कि एजेंसी पूर्व में किए वायदे से मुकर रही है। ऐसे में वे सडक़ निर्माण कार्य नहीं चलने देंगे। एनएचएआई और निर्माण एजेंसी की ओर से बार-बार आश्वासन के बाद भी किसान उनकी बात सुनने को तैयार नहीं थे। इसके बाद एसडीएम ने किसानों केा आश्वासन दिया। किसानों को समस्या के समाधान के लिए सोमवार तक का समय दिया गया।
कलायत के एसडीएम देवेंद्र शर्मा ने कहा कि किसानों और सड़क निर्माण एजेंसी की अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत हुई है। एनएचएआई और सडक़ निर्माण एजेंसी से किसानों की समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।