संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत नगरपालिका के एक महिला सहित 29 सफाई कर्मचारियों को डोर टू डोर सफाई एजेंंसी की ओर से चेतावनी पत्र जारी करने का मामला सामने आया है। इसमेंं ऑनलाइन हाजिरी न लगाने पर कर्मचारियों की जुलाई माह की पगार रोकने की बात कही गई है। इस नगर पालिका सफाई कर्मचारी संघ हरियाणा भड़क उठा है।
उन्होंने बुधवार को नगर पालिका सचिव के नाम सौंपे पत्र में एजेंसी पर इस वर्ष गणतंत्र दिवस से दो दिन पहले जिला पालिका आयुक्त कार्यालय में हुए करार को तोडऩे के आरोप लगाए हैं। सफाई कर्मचारी संघ प्रधान सतीश कुमार, अजय, मोनू, पवन, आकाश, कृष्ण व अन्य कर्मियों ने जिला पालिका आयुक्त कार्यालय मेंं एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ। इसमें एजेंसी द्वारा उपलब्ध एप की बजाय सामान्य तौर से हाजिरी लगाने और हर माह की 10 तारीख को पगार देने पर सहमति हुई थी। इस समझौते मेंं तत्कालीन जिला पालिका आयुक्त, सुगम स्वच्छता प्रतिनिधि, सफाई कर्मी और कर्मचारी संगठन के नेता शामिल रहे थे लेकिन इस करार के आठ माह बीत जाने के बाद अब एजेंसी ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करवाने का तर्क देते हुए चेतावनी पत्र जारी कर रही है।
चेतावनी पत्र में यह उल्लेख किया गया है कि कंपनी के बार-बार कहने पर भी वे ऑनलाइन उपस्थिति नहीं लगा रहे। इसके कारण कंपनी में रिकॉर्ड पूरा नहीं हो रहा। जब तक कर्मी दैनिक आधार पर ऑनलाइन उपस्थिति लगाना शुरू नहीं करते तब तक कंपनी जुलाई की सैलरी को होल्ड कर रही है।
सफाई कर्मचारियोंं का कहना है कि आजादी महोत्सव के साथ-साथ अगस्त माह के सभी तीज-त्योहारों को लेकर वे निरंतर डोर टू डोर सफाई कार्य में लगे हैं। घर-घर से कचरे को एकत्रित कर वे डंपिंग यार्ड तक पहुंचा रहे हैं। इस प्रकार की कड़ी मेहनत के बाद भी उनकी पगार को रोकना साफ तौर से अन्याय है।
उन्होंने सैलरी जारी न करने पर हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है। दूसरी ओर जिला पालिका आयुक्त सुशील कुमार ने कहा कि डोर टू डोर सफाई कर्मियों की फिलहाल लिखित में उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है। वे कल कार्यालय आने पर वे पूरे मामले की जानकारी लेंगे। उपरांत इस बारे में अपनी स्थिति स्पष्ट कर पाएंगे।