जिले में कई बूथों पर देरी से मतदान शुरू हुआ तो कुछ स्थानों पर ईवीएम में खराबी के कारण मतदान बीच में रोकना पड़ा। हालांकि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार सोमवार को मतदान प्रक्रिया सुबह सात बजे शुरू की जानी थी, लेकिन गांव अटैला में एक घंटे तक मशीनें नहीं चल सकी। इन जगहों पर आठ बजे के करीब मतदान शुरू हुआ। जिन लोगों को वोट डालने के बाद अपने कार्यों से कहीं बाहर जाना था, वे सुबह सात बजे से पहले वोट डालने के लिए बूथों पर जाकर कतारों में खड़े हो गए थे। मतदान प्रक्रिया शुरू न होने के कारण कुछ वोटर मत डाले बिना ही लौट गए। पट्टी अफ्गान में बनाए गए 31 नंबर बूथ पर भी ईवीएम में खराबी आने के कारण ईवीएम को बदला गया। तब जाकर मतदान शुरू हुआ।
गांव बौपुर व देवीगढ़ में बीच में रुका मतदान: गांव बौपुर व देवीगढ़ सहित जिला परिषद में बने बूथ पर सुबह मतदान शुरू होने के कुछ समय बाद तकनीकी दिक्कत आ गई। इस कारण करीब आधे घंटे तक मतदान रुका रहा। इस बीच मतदाताओं को लाइनों में लगकर वोट डालने के लिए इंतजार करना पड़ा। दोबारा मशीनें लगने के बाद मतदान प्रक्रिया शुरू की गई। वहीं महर्षि वाल्मीकि चौके के पास आर्य कन्या स्कूल में बने बूथ पर भी कुछ देर तक मशीन रुकने की वजह से मतदान प्रक्रिया प्रभावित हुई।
मतदान केंद्र परिसर में जाने को लेकर हुई हल्की तकरार: आईटीआई में बने मतदान केंद्रों पर पूरे दिन शहरवासियों की गहमा-गहमी रही। केंद्र परिसर में जाने को लेकर दो दलों के समर्थकों के बीच हल्की तकरार भी हुई। एक दल के समर्थक वोट डालने के लिए केंद्र में जा रहे थे, जबकि दूसरे वोट डालकर आ रहे थे। वोट डालने के लिए आईटीआई में पहुंचे अन्य लोगों ने उन्हें समझाया और शांतिपूर्ण माहौल कायम रखने की सलाह दी। इस पर एक दल के समर्थक बाहर आ गए। वहां पर एक साथ कई बूथ होने के कारण प्रशासन की ओर से कर्मचारियों और सुरक्षाकर्मियों की ड्यूटियां ज्यादा लगाई गई।
बात्ता में बूथ नंबर 40 पर डेढ़ घंटा बंद रहा मतदान: गांव बात्ता में बूथ नंबर 40 पर वीवीपैट में खराबी आने के कारण करीब डेढ़ घंटे तक मतदान बंद रहा। ऐसे में जो लोग मजदूर तबके से थे, उन्हें वोट डाले बगैर वापस जाना पड़ा। वहीं गांव खरक पांडवा में भी आधे घंटे तक मशीनों में खराब आने के कारण मतदान नहीं हो सका।