संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 85 वर्ष से अधिक आयु के एवं 40 प्रतिशत से अधिक दिव्यांग मतदाताओं को घर पर ही मतदान करने की सुविधा प्राप्त हुई और उन्होंने घर बैठे ही अपने मत का उपयोग किया।
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. विवेक भारती के मार्ग दर्शन में गठित की गई मोबाइल पोलिंग टीमें मतदाताओं के घर-घर पहुंची और पूरी चुनाव प्रक्रिया अपनाते हुए वोट डलवाने का कार्य किया।वीरवार को कैथल, कलायत, पूंडरी व गुहला विधानसभा क्षेत्र के बुजुर्ग एवं दिव्यांग मतदाताओं के वोट डलवाए गए।
वोट डालने के बाद परिजनों और मतदाताओं के चेहरे पर खुशी दिखाई दी और उन्होंने चुनाव आयोग द्वारा लागू की गई इस सुविधा की सराहना भी की। पोलिंग टीम ने सबसे पहले मतदाता की वोटर स्लीप चैक की और वोटर लिस्ट में नाम जांचा, फिर एक मेज पर तीनों तरफ से ढका हुआ वोटिंग कम्पार्टमेंट तैयार किया, जहां मतदाता ने बैलेट पेपर पर अपने पसंद के प्रत्याशी के खान्ने (कॉलम) में पैन से निशान लगाया, जिसके बाद मतदाता ने स्वयं उसे फोल्ड करके एक लिफाफे में डाला।
इसके बाद निर्वाचन आयोग की हिदायतानुसार उस लिफाफे को सील करके मतदान पेटिका में डाल दिया। क्योड़क गांव के 91 वर्षीय लीलू राम ने बैलेट पेपर से घर पर मतदान किया। मौके पर मौजूद उनके परिजनों ने कहा कि वे चलने में असमर्थ है और लग रहा था कि वह मतदान करने बूथ पर नहीं जा पाएंगे, लेकिन चुनाव आयोग ने यह सुविधा देकर लोकतंत्र के इस महायज्ञ में आहुति डलवाने का कार्य करवाया।
क्योड़क निवासी 86 वर्षीय शंकुतला ने कहा कि वह हमेशा ही बूथ पर जाकर मतदान किया करती थी, लेकिन अब बुजुर्ग अवस्था में मेरा स्वास्थ्य ठीक न होने के कारण बूथ पर मतदान करना इस बार मुश्किल लग रहा था।
चुनाव आयोग ने यह शानदार प्रबंध किया है और मेरे जैसे अन्य मतदाताओं के लिए व्यवस्था करके उन्हें लोकतंत्र के पर्व में भागीदारी करने का सुअवसर प्रदान किया है। इसी प्रकार 85 वर्षीय अंगद ने अपने मत का उपयोग करने के बाद कहा कि हमें बहुत खुशी हो रही है कि बुजुर्गों व दिव्यांगजों की सुविधा के लिए घर पर मतदान करने की सुविधा प्रदान की है। सभी को अपने मताधिकार का उपयोग जरूर करना चाहिए।
उन्होंने बताया कि जिला में 85 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के नौ हजार 360 मतदाता है। इनमें से 735 बुजुर्ग मतदाताओं ने घर से मतदान का विकल्प चुना था। इसी प्रकार 7282 दिव्यांग जन मतदाता हैं। इनमें से 211 दिव्यांगजनों ने इस नई सुविधा का लाभ लेने के लिए संबंधित फार्म भरकर आवेदन किया था।