सीवन। खंड सीवन के करीब आधा दर्जन गांव आज भी बस सेवा से वंचित हैं। सीवन में खंड कार्यालय, स्कूल, बैंक, बिजली घर, पुलिस स्टेशन, उपतहसील कार्यालय आदि सभी हैं और आसपास के सभी गांवों के लोगों को सीवन में आना जाना पड़ता है। कई गांवों के बच्चे भी शिक्षा ग्रहण करने के लिए सीवन में आते हैं। बैंक सेवा के लिए, बिजली घर के काम या बिल आदि जमा करवाने के लिए और जमीन की रजिस्ट्री व अन्य कामों के लिए ग्रामीणों को सीवन में आना जाना पड़ता है। ऐसे में बस सेवा न होने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कई गांवों के लिए सीवन से बस सेवा तो है लेकिन उसका समय तय है। ऐसे में वह बस सुबह और शाम को ही चलती है। इस कारण लोगों की परेशानी बढ़ जाती है। सीवन से फिरोजपुर, मलिकपुर, रसूलपुर, डोहर के लिए कोई बस सेवा उपलब्ध नहीं है। ऐसे ही गांव खेड़ी गुलाम अली, मांझला, नागल, गोहरां, खरकां, लैंडर पीर जादा, लैंडर कीमा के लिए भी कोई सीधी बस सेवा नहीं है।
गांव सौथा, हरनौला के लिए सुबह व शाम के समय बस चलती है, जो केवल एक ही समय जाती है।
इसके अलावा गांव सैर, पहाड़पुर, जनेदपुर, उमेदपुर के लोगों को कांगथली हो कर सीवन में आना पड़ता है। ऐसे में जनता को भारी परेशानी हो रही है। सीधी बस सेवा न होने के कारण सीवन के व्यापार पर भी इसका बहुत असर पड़ रहा है। कई गांवों से या तो सीवन के लिए कोई बस सेवा नहीं है और कई गांवों से सीधी बस सेवा नहीं है।
ऐसे में यदि लोगों को कोई सामान लेना हो तो वह उस शहर में जाते हैं जहां की बस सेवा सही हो। इस कारण से सीवन के व्यापार पर बहुत असर पड़ रहा है। इन गांवों में कई बार बसों का संचालन किया शुरू लेकिन बाद में फिर से बंद कर दी। पिछले 20 साल से यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। संवाद
क्या कहते हैं स्थानीय लोग
बच्चों के साथ बड़ों को भी होती है परेशानी
सुबह के समय बच्चों को स्कूल में आना होता है। इसके अलावा अन्य लोगों को भी अपने अपने कामों के लिए सीवन में आना पड़ता है। ऐसे में बस सेवा न होने के कारण लोगों को अपने वाहनों का इस्तेमाल करना पड़ता है। जिन लोगों के पास अपने वाहन नहीं हैं वह इस सफर को पैदल चल कर या फिर लिफ्ट लेकर पूरा करते हैं। ऐसे में समय और धन दोनों का बहुत नुकसान होता है। यदि बस सेवा के चलाया जाए तो लोगों को सुविधा मिल सकती है। -बलजीत फिरोजपुर।
बसों की संख्या बेहद कम होने से दिक्कतें
जो बसें चलती हैं, उनकी संख्या बहुत ही कम है। इससे यहां के ग्रामीणों को दिक्कतें झेलनी पड़ती हैं। कई गांवों से सीवन के लिए सीधी बस सेवा तक भी नहीं है। ऐसे में लोगों को लंबा चक्कर लगाकर सीवन में जाना पड़ता है। यदि बस सेवा सही और सीधी हो तो लोगों के लिए सुविधाजनक हो सकता है। समय बचाने के लिए लोग दूसरे शहरों का भी रुख कर लेते हैं परंतु जिन कार्यों के लिए सीवन में जाना आवश्यक है उसके लिए दिक्कत होती है। आम लोगों के लिए सरकार को ध्यान देना चहिए। - हरपिंद्र सिंह।
पिछले दो कार्यकाल से न तो कोई ग्रामीण क्षेत्र में सड़कों को ठीक प्रकार से बनाया गया है और न ही बस सेवा चालू की गई है। बस न चलने के कारण सीवन के व्यापार पर बुरा असर पड़ रहा है। यदि बसें चलेंगी तो लोग सीवन में पहुंचेंगे और व्यापार को गति मिलेगी। यदि बसें ही नहीं होगी तो लोग सीवन में कैसे आएंगे। जिन गांवों में बस सेवा है वहां पर भी इक्का दुक्का बसें ही चल रही हैं और उनका कोई समय निर्धारित नहीं है। -राज कुमार वधवा, कांग्रेस नेता।
पिछले दो कार्यकाल में बस सेवा में इजाफा किया गया है। सीवन से कई गांवों को बस सेवा के माध्यम से जोड़ा गया है। खंड सीवन के दो से तीन गांव ऐसे हैं, जहां के लिए बस सेवा अभी नहीं है। उन पर भी बस सेवा को आरंभ करवाया जाएगा। -बलविंद्र जांगड़ा, भाजपा नेता।