संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। लोकतंत्र के महापर्व के तहत विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शनिवार को है। जनता-जनार्दन को मतदान के अधिकार का प्रयोग कर नई सरकार को चुनना है। लोकतंत्र का राज्य तिलक करने के लिए मतदाता तैयार हैं।
विधानसभा चुनाव के लिए ईवीएम आपके मतदान केंद्र पर पहुंच चुकी हैं। अब बटन दबाने की आपकी बारी है। अभी तक आपने प्रत्याशियों और राजनीति दलों के दावों को सुना और समझ लिया है। अब आपकी बारी है। आप आगे आइए और लोकतंत्र के इस महापर्व में मतदान कर अपनी पसंद की सरकार चुनने में अपने अमूल्य वोट का प्रयोग जरूर करें।
लोकतंत्र के इस पर्व में हर व्यक्ति की भागीदारी होनी जरूरी है। इस बार 22 हजार 187 युवा वोटर पहली बार अपने मतदान प्रयोग अवश्य करेंगे। शनिवार को सुबह सात बजे मतदान शुरू होगा और यह सायं छह बजे तक चलेगा। इसके बाद बूथ पर लाइन में लगे मतदाता अपने मत का प्रयोग कर सकेंगे। यह पोलिंग अधिकारी की जिम्मेदारी होगी।
मतदान की प्रक्रिया संपन्न होने के बाद अब प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद होगी। इसके लिए चुनाव आयोग के आदेशों पर जिला प्रशासन ने सभी तैयारी पूरी कर ली है। इनके तहत मतदान की प्रक्रिया से एक दिन पहले पोलिंग पार्टियों को उनके पोलिंग स्टेशनों पर रवाना किया गया। इस बार लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी आयोग की ओर से सभी मतदान केंद्रों की वेब कास्टिंग भी की जाएगी। ऐसे में यदि कोई शरारती तत्व बूथ पर नुकसान पहुंचाने का प्रयास करेगा तो पहचान आसानी से हो पाएगी।
जिले की चार विधानसभाओं क्षेत्रों में आठ लाख 24 हजार 408 मतदाता हैं। इसमें चार लाख 31 हजार 148 पुरुष और तीन लाख 90 हजार 664 महिला मतदाता, 15 ट्रांसजेंडर व 2581 सर्विस वोटर शामिल हैं।
नरड़ गांव के पोलिंग बूथ से सीसीटीवी कैमरा चोरी
कैथल। गांव नरड़ में चोरों ने एक पोलिंग बूथ से सीसीटीवी कैमरा चोरी कर लिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कोटा राजस्थान निवासी विनायक शर्मा ने तितरम थाना में शिकायत दी कि उनकी कंपनी ने हरियाणा जिला कैथल में विधानसभा चुनाव के लिए वेबकास्टिंग का ठेका लिया है। उन्होंने गांव नरड़ में 30 सितंबर को बूथ नंबर 53, 54 व 55 पर कैमरा लगाया था। तीन अक्तूबर को अज्ञात आरोपी बूथ नंबर 53 से कैमरा चोरी कर ले गया। थाना प्रभारी सुनीता ने बताया कि पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संवाद
वोट डालने के लिए सूची में नाम जरूरी, वोटर कार्ड नहीं
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी डॉ. विवेक भारती ने बताया कि वोट डालने के लिए मतदाता का नाम मतदाता सूची होना जरूरी है। मतदाता का नाम मतदाता सूची में तो है, लेकिन उसके पास मतदाता पहचान पत्र नहीं है तो वह निर्वाचन आयोग द्वारा निर्दिष्ट वैकल्पिक पहचान पत्र में से कोई एक पहचान पत्र दिखाकर अपना वोट डाल सकता है।
वोटर पहचानपत्र न होने की स्थिति में वैकल्पिक दस्तावेज में पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, केंद्रीय, राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रमों या सार्वजनिक लिमिटेड कंपनियों की ओर से कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचानपत्र, बैंक या डाकघर की ओर से जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, श्रम मंत्रालय की ओर से जारी स्मार्ट कार्ड, मनरेगा जॉब कार्ड, श्रम मंत्रालय की योजना के तहत जारी स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज और आधार कार्ड शामिल हैं।