कैथल। वीरवार सुबह एक बार फिर घना कोहना छाया रहा और इस वजह से दृश्यता महज 50 मीटर ही रह गई। जिसके चलते वाहन चालकों को तो दिक्कत हुई। साथ ही फिजा में ठिठुरन भी बढ़ गई।
दृश्यता कम होने से विद्यार्थियों व सुबह के समय कामकाज पर जाने वाले लोगों को भी काफी परेशानी हुईं। वहीं वाहन चालकों को भी वाहनों की हेडलाइट जलाकर चलना पड़ा। जिले में कोहरे का असर काफी देर तक रहा। लोगों को सर्दी से बचाव के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ा। अपराह्न में धूप निकल आई। इस दौरान लोगों को सर्दी से कुछ राहत मिली। दिन का अधिकतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहा। वहीं न्यूनतम तापमान दो डिग्री गिरावट के साथ चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया। कोहरे के साथ वायु गुणवत्ता सूचकांक भी 124 से बढक़र 267 पर पहुंच गया है। जो स्वास्थ्य के लिए खराब श्रेणी में आता है।
गौरतलब है कि दिसंबर में अब तक तीसरी बार जिले में घना कोहरा दिखाई दिया है। सुबह- शाम ठंड का असर ज्यादा दिख रहा है। ठंड के साथ-साथ 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार चल रही शीतलहर ने भी लोगों को खूब सताया।
नागरिक अस्पताल के फिजिशियन डॉ. राजीव मित्तल ने कहा कि मौसम में परिवर्तन हो गया है। ठंडक का प्रकोप अधिक है। बच्चों को गर्म कपड़े पहनाएं और हल्के गर्म पानी का सेवन करें। कोई भी ठंडी चीज बच्चों को न खिलाएं। यदि छोटे बच्चे बीमार भी हो जाएं तो तुरंत डॉक्टर की सलाह लें। बुजुर्ग लोग सुबह व शाम की सैर से भी फिलहाल परहेज करें।
ठंड गेहूं के लिए फायदेमंद
आगामी सप्ताह तक मौसम स्थिर बना रहेगा। सुबह शाम ठंडक होगी और दिन में धूप से राहत मिलेगी। रबी की फसलों के लिए मौसम अनुकूल बना हुआ है। रात के समय में गेहूं की फसलों पर पड़ने वाली ओस की बूदों से फसलों को नाइट्रोजन मिलती है। जिससे गेहूं की फसलों को फायदा होता है।
-रमेश चंद्र वर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र के मुख्य समन्वयक।