कलायत। देवउठनी एकादशी के दिन देव योग निद्रा से जागते हैं सभी शुभ काम शुरू हो जाते हैं। हिंदू धर्म में इसे देवोत्थान एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। श्री कपिल मुनि ज्योतिष केंद्र प्रमुख पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के जानकारों अनुसार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष में आने वाली देवउठनी एकादशी देवी लक्ष्मी और श्री हरि विष्णु को प्रसन्न करने का सबसे अच्छा दिन माना जाता है। देवउठनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु के योग निंद्रा से जागने के बाद विवाह, मुंडन, गृह प्रवेश समेत सभी मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं। उनके प्रभाव से बड़े से बड़े पाप भी क्षण भर में नष्ट हो जाते हैं। यह पर्व केवल हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि दुनिया के अनेक देशों में भी पूरी श्रद्धा व उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से पाप मिटते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस अवसर पर विश्व हिंदू परिषद जिला उपाध्यक्ष पंडित बीरभान निर्मल, जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा, प्रखंड अध्यक्ष संजय सिंगला, प्रखंड महामंत्री डाॅ. प्रियव्रत गालब, संजय गौतम, विशाल शांडिल्य, अनिरूद्ध गौतम, रणबीर शास्त्री आदि मौजूद थे।