कलायत। उपमंडल के गांव मटौर में 125 फीट ऊंचे फ्लैग पोस्ट पर क्षतिग्रस्त राष्ट्रीय ध्वज लहराते पाए जाने से ग्रामीणों में रोष फैल गया। किसी ग्रामीण द्वारा वीडियो सोशल मीडिया पर डालते ही मामला वायरल हो गया और लोगों ने इसे राष्ट्रीय सम्मान का अपमान बताते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। मामले ने तूल पकड़ा और राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की मांग के साथ जिला प्रशासन तक पहुंच गया।
ग्राम पंचायत पर उठते सवालों के बीच गांव के सरपंच रमेश कुमार मटौर ने स्पष्टीकरण देते हुए इसे तकनीकी खामी व मौसम की मार का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि तेज हवाओं में झंडा फट गया था, लेकिन 125 फुट ऊंचे पोल को नीचे करने वाला हाइड्रोलिक जैक खराब होने के कारण झंडा समय पर बदला नहीं जा सका। सरपंच ने ग्रामीणों से माफी मांगते हुए इसे अनजाने में हुई चूक बताया। उन्होंने बताया कि नया हाइड्रोलिक जैक मंगवा लिया गया है और अगले दो-तीन दिनों में नया तिरंगा फहरा दिया जाएगा। साथ ही आश्वासन दिया कि भविष्य में झंडे की गरिमा बनाए रखने के लिए हर 15 दिन में उसकी स्थिति की जांच की जाएगी और एक अतिरिक्त जैक व दो झंडे बैकअप में रखे जाएंगे।