संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। पिंजुपुरा गांव में बिजली की भारी किल्लत से परेशान ग्रामीणों ने सोमवार को बिजली विभाग कार्यालय पर जमकर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। नाराज ग्रामीणों का कहना है कि उनका गांव जगमग योजना में शामिल होने के बावजूद उन्हें मात्र दो घंटे ही बिजली मिल रही है।
बिजली की खराब आपूर्ति व्यवस्था पर गुस्सा जताते हुए ग्रामीणों ने बताया कि गांव के सभी घरों के मीटर बाहर खंभों पर लगे हैं और लोग नियमित रूप से बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं। इसके बावजूद बिजली आपूर्ति बेहद कम है, जिससे गर्मी और मच्छरों के कारण जीवन कठिन हो गया है। बिजली न होने से पानी की समस्या भी गंभीर बनी हुई है।
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि समस्या को लेकर वे विभाग के एसई से मिले, लेकिन उन्होंने सुनवाई करने के बजाय पूरे गांव को बिजली चोरी करने वाला बता दिया। दिलबाग, अमरजीत, मेवा राम, दिनेश, कृष्ण ने इस आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि गांव में बिजली चोरी का कोई मामला दर्ज नहीं है।
दिनेश ने कहा कि वर्ष 2021 में गांव को जगमग योजना में शामिल करते हुए 24 घंटे बिजली देने का वादा किया गया था, लेकिन आज तक यह पूरा नहीं हुआ। गांव में करीब 400 मीटर लगे हैं और लोग हर महीने 3 से 5 हजार रुपये तक का बिल भरते हैं, जबकि पर्याप्त बिजली मिल ही नहीं रही।
निर्मला, अनीता, किताबो, राजबाला, बीरमति, कमलेश, बाला, रामरति, बीरमति आदि महिलाओं ने बताया कि बिजली न होने से पानी की किल्लत, पशुओं के लिए चारा काटने और आटा पीसने जैसी दैनिक समस्याएं बढ़ गई हैं। बच्चों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे लोग अपने अपने मीटरों को उतार कर बिजली विभाग के कार्यालय में फेंक देंगे। डीसी कार्यालय का घेराव करने की भी चेतावनी दी।
लाइन लॉस जांचने के लिए मीटर लगवा देंगे : जितेंद्र
बिजली विभाग के उपमंडल अभियंता जितेंद्र सिंह ने प्रदर्शन कर रहे लोगों को समझाते हुए कहा कि गांव पिंजुपुरा व शिमला 11केवीए शिमला फीडर पर जुड़े हैं। उनके गांव में बिजली का लाइन लॉस जांचने के लिए वे गांव का अलग से मीटर लगवा देंगे। यदि लैंड लॉस नहीं पाया जाता है तो गांव के लिए अलग से केबल बिछवा देंगे। उन्होंने कहा कि 11केवीए शिमला फीडर पर दो ही गांव हैं पिंजुपुरा व शिमला जिनमें गांव शिमला जगमग योजना में नहीं आता। उपमंडल अभियंता के आश्वासन पर लोग सहमत नहीं हुए और एक प्रतिनिधि मंडल कैथल उपायुक्त व एसई से मिलने के लिए निकल गए।
बिजली कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन कर रही गांव पिंजुपुरा की महिलाएं। विज्ञप्ति- फोटो : सड़क हादसे के बाद जलता डीसीएम व ट्रेलर।