कैथल। बुधवार सुबह खुराना रोड स्थित कचरा डंपिंग यार्ड के विरोध में प्रदर्शन किया गया। इसके बाद दोपहर के समय गांवों के लोगों ने डंपिंग यार्ड के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया और सरकार व प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने साफ कहा कि जब तक प्रशासन डंपिंग यार्ड को बंद करने या स्थानांतरित करने का लिखित आश्वासन नहीं देता, तब तक ताला नहीं खोला जाएगा।
ग्रामीणों का आरोप है कि डंपिंग यार्ड से उड़ने वाली गंदी पॉलिथीन खेतों और घरों तक पहुंच रही हैं, जबकि पूरे क्षेत्र में बदबू और गंदगी का माहौल बना हुआ है। उन्होंने बताया कि यहां कैथल के अलावा चीका और सीवन से भी कचरा लाकर डाला जा रहा है जिससे समस्या लगातार बढ़ रही है।
खुराना रोड स्थित डंपिंग यार्ड के विरोध में किसानों और ग्रामीणों का धरना बुधवार को सातवें दिन भी जारी रहा। धरने में कालू वाली गामड़ी, डेरा गदला, सेक्टर-21, वार्ड-5, खुराना, कुलतारण, पट्टी अफगान, जगदीशपुरा और डोहर सहित कई गांवों के लोग धरने पर बैठे हुए हैं। ग्रामीणों ने कहा कि वे 12 जून से लगातार आंदोलन कर रहे हैं लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
दूषित हो रहा नहरी पानी, स्वास्थ्य पर खतरा : ग्रामीण नरेश, शमशेर, गुरदीप सिंह और सुरेंद्र ने बताया कि डंपिंग यार्ड के साथ नहरी पानी की सप्लाई की छोटी माइनर गुजरती है जिसमें हर समय गंदगी भरी रहती है। इससे गांवों तक दूषित पानी पहुंच रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका बढ़ गई है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला तो वे कचरे को ट्रैक्टर-ट्राॅलियों में भरकर शहर की सड़कों और अधिकारियों के आवासों के बाहर डालकर विरोध जताएंगे।
डंपिंग यार्ड पर ताला लगाते हुए ग्रामीण व अन्य।
डंपिंग यार्ड पर ताला लगाते हुए ग्रामीण व अन्य।
डंपिंग यार्ड पर ताला लगाते हुए ग्रामीण व अन्य।