संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला सचिवालय में शुक्रवार को सात माह बाद जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित होगी। बैठक में मंत्री नहीं आएंगे, बल्कि उनकी जगह उपायुक्त प्रीति जनता की फरियादें सुनेंगी। बैठक का आयोजन लघु सचिवालय सभागार में अपराह्न तीन बजे होगा।
गौरतलब है कि परिवहन मंत्री अनिल विज ने इसी साल जनवरी में घोषणा की थी कि वे अब कष्ट निवारण समिति की बैठकों में शामिल नहीं होंगे। उनका आरोप था कि यहां दिए गए आदेशों पर अधिकारी अमल नहीं करते। इसके बाद जिले में सात माह से कोई बैठक नहीं हुई और लंबित शिकायतें कागजों में ही अटकी रह गईं।
इस बार बैठक में 14 शिकायतें सुनी जाएंगी। पिछली बैठक में 13 शिकायतें रखी गई थीं, जिनमें से सिर्फ 4 का निपटारा हुआ था, बाकी लंबित रह गई थीं। अब इतने लंबे अंतराल के बाद शिकायतों की संख्या बढ़ना तय है।
कष्ट निवारण समिति में वही मामले आते हैं, जो जिला स्तर पर हल नहीं हो पाते। इनमें अक्सर पुलिस, जन स्वास्थ्य, नगर परिषद, बिजली निगम, स्वास्थ्य और समाज कल्याण विभाग जैसे बड़े विभागों से जुड़ी शिकायतें होती हैं। कई बार तो शिकायतों में उच्च अधिकारी स्वयं आरोपी के तौर पर नामजद रहते हैं।
जिला प्रशासन की ओर से बैठक से पहले एजेंडा तैयार किया गया है, जिसमें उन मामलों को प्रमुखता दी गई है जिनका समाधान मंत्री स्तर पर करवाने की आवश्यकता होती है। अब देखना यह होगा कि डीसी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में जनता की तकलीफों का कितना समाधान निकल पाता है।