गुहला-चीका। विजिलेंस ने दावा किया है कि 2 फरवरी को चीका पुलिस थाने में रिश्वत मामले में गिरफ्तार किए गए एसएचओ जयवीर सिंह से पांच हजार रुपये कंप्यूटर ऑपरेटर अनिल ले गया था। अनिल ने दो दिन के रिमांड में यह बात स्वीकार की है कि उसने पांच हजार रुपये व एसएचओ के खिलाफ दी गई शिकायत की प्रति को जलाकर मिर्जापुर के निकट भाखड़ा नहर में फेंक दिया था। रिमांड के बाद वीरवार को अनिल को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि 02 फरवरी को विजिलेंस की टीम ने एसएचओ चीका रहते हुए इंस्पेक्टर जयवीर सिंह को पांच हजार रुपये की रिश्वत राशि लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। लेकिन विजिलेंस उस समय पांच हजार रुपये की राशि बरामद नहीं कर पाई थी। इस मामले में समाज के लोगों ने कई दिनों तक प्रदर्शन करते हुए जयवीर को निर्दोष बताकर डीसी को ज्ञापन दिया था। लेकिन विजिलेंस की टीम लगातार अनिल की तलाश कर रही थी। अनिल ने दो दिन पहले सरेंडर किया था। जिस पर उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया था।
बताया जा रहा है कि अनिल ने विजिलेंस अधिकारियों पर हिरासत के दौरान मारपीट के आरोप लगाए हैं। जिस पर कोर्ट ने दोबारा मेडिकल करवाने के आदेश दिए। वीरवार को अनिल का दोबारा मेडिकल करवाया गया। मामले का मुख्य आरोपी एसएचओ जयवीर पहले से ही न्यायिक हिरासत में है।
विजिलेंस इंस्पेक्टर सुरेश सैनी ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी अनिल ने कबूल किया कि उसने पांच हजार रुपये व शिकायत की पर्ची मिर्जापुर भाखड़ा नहर के पास जाकर फूंक दिए थे और उसके अवशेष नहर में बहा दिए थे।
सीसीटीवी फुटेज में घटना के समय टीम द्वारा उसे न देखे जाने के सवाल पर विजिलेंस प्रभारी ने कहा कि फुटेज दोबारा देखी जाएगी। उस दिन उनका फोकस आरोपी इंस्पेक्टर पर था। घटना के दिन अनिल की पूरे दिन की लोकेशन भी थाने में ही आ रही है।