संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जींद रोड पर बने हैफेड कार्यालय में बने गोदाम में रखे गए गेहूं पर पानी डालने का मामला सामने आया है। वायरल वीडियो से यह मामला चर्चा में आया। जानकारी मिलने पर जिला प्रबंधक सुरेश ने सात सदस्यीय टीम का गठन किया। शाम को जब गेहूं के स्टॉक की जांच की गई तो नमी की मात्रा सामान्य 13.5 प्रतिशत मिली है।
हैफेड के जिला प्रबंधक सुरेश कुमार ने विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ-साथ डीसी को भी इस संबंध में जानकारी दी है। साथ ही मामले की जांच के लिए सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। इस गेहूं को राजस्थान में सप्लाई किया जाना था और स्टॉक पर पानी डालने का आरोप एक इंस्पेक्टर पर लगाया गया है।
जिला प्रबंधक ने बताया कि गोदाम के सुरक्षा कर्मी सतीश की तरफ से इसकी शिकायत आई है। गौरतलब है कि जिस इंस्पेक्टर पर स्टॉक में रखे गेहूं पर पानी डालने के आरोप लगे हैं। वह पहले भी इस प्रकार के मामले में निलंबित हो चुके हैं। तत्कालीन डीएम कृष्ण कुमार ने उन्हें दोबारा चार गोदाम का चार्ज दे दिया। अब फिर से उनके गोदाम में ऐसा मामला सामने आया है।
जांच कमेटी में इन्हें किया गया है शामिल
जांच कमेटी में हैफेड के मैनेजर सुखदीप, मान सिंह, एसओ प्रेम सिंह, सहायक रमेश कुमार, एफआई बलजीत सिंह, स्टोरेज टेक्निकल आफिसर जसबीर सिंह व मनोज कुमार को शामिल किया गया है। जांच कमेटी गोदाम का दौरा करने के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद ही इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वर्ष 2024 में भी गेहूं पर पानी डालने का मामला आया था सामने
इससे पहले वर्ष 2024 की तीन सितंबर को भी हैफेड के गोदाम डिपो में भेजे जाने वाले गेहूं पर पानी डालने का मामला सामने आया था। इस मामले में भी हैफेड कार्यालय कर गोदाम में गेहूं के कट्टों में गड़बड़ी करने के लिए पानी छिड़काव की बात सामने आई थी। उस समय जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी का गठन किया गया था।
उल्लेखनीय है कि उस समय इस गोदाम में करीब दो लाख से अधिक गेहूं के कट्टे रखे गए थे। मामला उजागर होने के बाद अब गोदाम के मैनेजर और इंस्पेक्टर पर सवाल खड़े हुए थे।
वहीं, मंगलवार शाम के समय जब टीम ने गेहूं के स्टॉक की जांच की तो नमी की मात्रा सामान्य 13.5 प्रतिशत मिली। हैफेड के डीएम सुरेश वैद ने बताया कि जांच में सामने आया है कि गोदाम में स्टॉक पर स्प्रे किया गया है। अनाज गीला होने से संबंधित कोई प्रमाण नहीं मिला। इसके लिए स्टाॅक की ऊपरी परत की जांच की गई है।
उन्होंने कहा कि जिस शिकायतकर्ता ने वीडियो वायरल किया था उसे मौके पर बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं आया। इसके बारे में मुख्यालय व डीसी को बताया गया है। वे उसके खिलाफ भी शिकायत करेंगे, जिसने वीडियो जारी कर विभाग को बदनाम करने का प्रयास किया है।