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Kaithal News: साइबर सुरक्षा के लिए सत्यता परखना जरूरी

Thu, 26 Oct 2023 12:54 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। कलायत स्थित निर्मल पब्लिक स्कूल में साइबर थाना की टीम ने पुलिस की पाठशाला आयोजित कर छात्र-छात्राओं व स्टाफ को साइबर अपराध से बचने के उपाय बताए। समझाया कि साइबर सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी उसकी सत्यता परखना। जागरूक रहकर ही साइबर क्राइम से बचा सकता है।

पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि साइबर जागरूकता कार्यक्रम में साइबर थाना से पीएसआई शुभ्रांशु की टीम ने विशेष जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आजकल बहुत सारे परिवारों के बच्चे या रिश्तेदार विदेश में गए हुए हैं। कई बार साइबर ठग उसी विदेश में गए परिचित का हवाला देकर आपको कॉल करता है व किसी मुसीबत में होने की बात कहकर पैसे ट्रांसफर करने की बात कहता है। पैसे भेजने से पहले सत्यता की अच्छी तरह से जांच कर लें अन्यथा आप साइबर ठगी का शिकार होकर अपना पैसा गंवा बैठेंगे। साइबर अपराधी आपको पैसे कमाने का, पैसे डबल करने का या अन्य तरीके का प्रलोभन देकर आपकी निजी जानकारी हासिल करते हैं। उसके बाद फोन पर ओटीपी भेजकर या अन्य तरीके से आपके खाते को खाली कर देते हैं। उन्होंने कहा कि अनजाने में साइबर धोखाधड़ी का शिकार होने पर जल्द से जल्द 1930 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करवाएं।
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पुलिस का कार्य नौकरी नहीं है सेवा ः श्योकंद
कैथल। पुलिस शहीदी स्मृति दिवस के उपलक्ष्य में कन्या विद्यालय कैथल में राष्ट्र निर्माण में पुलिस भूमिका विषय पर संगोष्ठी करवाई गई। महिला थाना प्रबंधक सब इंस्पेक्टर रेखा की टीम ने कैथल के पांच अमर पुलिस शहीदों के जीवन की गौरव गाथा के बारे में छात्राओं व स्टाफ को अवगत करवाया। पुलिस प्रवक्ता प्रवीन श्योकंद ने बताया कि छात्राओं को बताया गया कि पुलिस अफसर होना शान की बात है, पुलिस का कार्य कोई नौकरी नहीं है, अपितु एक सेवा है। पुलिस विभाग के कर्मचारी दिन-रात अपने परिवार की परवाह किए बगैर आमजन की सेवा के लिए चौक-चौराहों पर खड़े रहते हैं।
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देश में किसी भी आंतरिक दंगे, असामाजिक गतिविधियों के साथ राजनीतिक जलसा-जुलूसों में पुलिस हर समय मौजूद रहती है। त्योहारों के समय में पुलिस का कर्तव्य और अधिक बढ़ जाता है। लोग घरों में बैठकर होली-दिवाली का आनंद लेते हैं, उस समय पुलिस असामाजिक तत्वों से नागरिकों की सुरक्षा करती है। विभिन्न मामलों की जांच के दौरान पुलिस पर पीड़ित पक्ष और आरोपी पक्ष दोनों को सुनने का दबाव रहता है। हर व्यक्ति अपने पक्ष में फैसला चाहता है, ऐसी स्थिति में पुलिस एक निर्णायक मोड़ पर होती है। जब पुलिस अपने विवेक से किसी पक्ष पर नियमानुसार कार्रवाई करती है तो स्वाभाविक है कि एक पक्ष अवश्य पुलिस से नाराज होगा। इस दौरान राष्ट्र निर्माण में पुलिस के योगदान शीर्षक पर वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया, जिसमें 10 छात्राओं ने भाग लिया। प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर रहने वाली छात्राओं को थाना प्रबंधक ने सम्मानित किया। संवाद
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