कैथल। कोरोना महामारी के समय कोरोना संक्रमितों की जान बचाने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में सात वेंटिलेटर आए थे परंतु इस समय यह वेंटिलेटर धूल फांक रहे हैं। मरीजों को राहत की सांस देने के लिए आए वेंटिलेटर ऑपरेटर न होने के कारण इस समय धूल फांक रहे हैं।
गौरतलब है कि कोरोना महामारी के समय निजी अस्पतालों के ऑपरेटरों के माध्यम से वेंटिलेटर को संचालित करने का काम चलाया गया था परंतु अब ये किसी भी काम नहीं आ रहे हैं। इस समय जिला नागरिक अस्पताल में 31 वेंटिलेटर हैं। इनमें से दो वेंटिलेटर पूरी तरह से खराब हो चुके हैं। लाखों रुपये के वेंटिलेटर यूं ही खराब हो चुके हैं।
हैरानी की बात यह भी है कि कोरोना महामारी के बाद भी अस्पताल में वेंटिलेटर चलाने के लिए एक भी ऑपरेटर की नियुक्ति नहीं हो सकी है। यदि यहां पर ऑपरेटरों की नियुक्ति को किसी न किसी तरह से इन वेंटिलेटर का संचालन किया जा सकता है परंतु इसके संचालन के लिए कोई एक कोशिश अभी तक नहीं की गई है। स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार 2021 के बाद इन वेंटिलेटर का प्रयोग नहीं हो पाया है।
वेंटिलेटर कक्ष पर लगाया, कुछ आईसीयू में किए शिफ्ट, वह भी नहीं चल रहे ः कोरोना महामारी के समय आए वेंटिलेटर के कक्ष में इस समय अस्पताल प्रबंधन ने ताला लटका रखा है क्योंकि इस समय इन वेंटिलेटर का उपयोग एक भी ऑपरेटर न होने की स्थिति में नहीं लिया जा सकता है।
सामान्य अस्पताल में हाल ही में आईसीयू का निर्माण किया गया है। इसमें करीब 25 वेंटिलेटर रखे गए हैं, लेकिन आईसीयू के भी शुरू न होने के कारण यह वेंटिलेटर नहीं चल पा रहे हैं। संवाद
कोरोना महामारी के समय वेंटिलेटर आए थे। उस समय सरकार की ओर से इसके संचालन के लिए ऑपरेटर भेजे गए। इस समय इन वेंटिलेटरों की देखभाल ओटी के कर्मियों की ओर से की जा रही है। इसके संचालन के ऑपरेटरों की नियुक्ति करने के लिए आला अधिकारियों के साथ पत्राचार किया गया है। अस्पताल में जल्द ही आईसीयू शुरू किया जाना है। आईसीयू के शुरू होने के बाद इनका संचालन शुरू हो जाएगा। - डॉ. सचिन मांडले, प्रधान चिकित्सा अधिकारी, जिला नागरिक अस्पताल, कैथल।