संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। धान का सीजन आगे बढ़ रहा है, वैसे ही धान की उठान ने भी रफ्तार पकड़ी है। उठान में तेजी आने के बाद अब मंडियों में रास्ते खुलने शुरू हो चुके है। अब मुच्छल और 1718 धान की आवक हो रही है। जिला की विभिन्न मंडियों में खरीद एजेंसियों की ओर से न्यूनतम समर्थन मूल्य पर सात लाख 27 हजार 578 मीट्रिक टन (एमटी) धान की खरीद की जा चुकी है।
कुल आवक में से खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने तीन लाख 85 हजार 126 एमटी, हैफेड ने एक लाख 74 हजार 652 एमटी और हरियाणा वेयर हाउसिंग कॉरपोरेशन ने एक लाख 66 हजार 890 एमटी खरीदा है। इसके साथ ही पांच लाख 70 हजार 487 एमटी धान का उठान भी किया जा चुका है।
डीसी डॉ. विवेक भारती ने बताया कि 21 अक्तूबर तक अरनोली मंडी में 9700 एमटी, बाबा लदाना मंडी में 3814 एमटी धान खरीदा गया है। इसी प्रकार भागल मंडी में 3759 एमटी, ढांड एक लाख 11 हजार 801 एमटी, गुहला-चीका में दो लाख 72 हजार 787 एमटी, पुरानी अनाज मंडी कैथल में नौ हजार 733, नई अनाज मंडी कैथल में 76 हजार 544 एमटी, अतिरिक्त नई अनाज मंडी में 76 हजार 63 एमटी, कलायत मंडी में 10 हजार 39 एमटी, कौल में 10 हजार 153 एमटी, पाई मंडी में 10 हजार 895 एमटी, पूंडरी में 65 हजार 781 एमटी, राजौंद में आठ हजार 970 एमटी, रामथली में 32 हजार 41 एमटी, सीवन मंडी में 25 हजार 498 एमटी धान खरीदा गया है।
डीसी डॉ. विवेक भारती ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि धान को
सुखाकर मंडी में लेकर आए, ताकि जल्द खरीद की जा सके। धान की फसल की कटाई के बाद फसल के अवशेषों को आग न लगाएं, बल्कि इन अवशेषों से पशुओं के लिए चारा बनाएं और इसे जमीन में मिलाकर उपजाऊ शक्ति बढ़ाएं।