पूंडरी। पूंडरी का गांव डुलियानी गुर्जर बाहुल्य है और आबादी व मतदाताओं के हिसाब से छोटा है लेकिन बुधवार को सरपंच पद पर सर्वसम्मति से फैसला कर एकता की मिसाल पेश कर दूसरों गांवों के लिए उसने नसीहत पेश की। अच्छी पहल करते हुए गांव के ज्यादातर लोगों ने चुनाव न करवा कर सर्वसम्मति से शंकर सिंह को सरपंच बनाने पर सहमति जताई है। हालांकि इसकी घोषणा नामांकन की तिथि बीत जाने के बाद की जाएगी।
डुलियानी में सरपंच पद के लिए पहले भी चुनाव होते आए हैं लेकिन इस बार यहां का माहौल बदला हुआ है। हालांकि नाम न छापने के शर्त पर गांव के एक व्यक्ति ने बताया कि सरपंच का चुनाव यहां खूंखार दौर से भी गुजर चुका है। लगभग 25 पूर्व गांव में चुनावी रंजिश में गांव के दो गुटों में भीषण लड़ाई हुई थी। इसमें एक व्यक्ति अपनी जान गवां बैठा था और कई गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।
इन सभी आपसी मतभेदों को भुलाते हुए अबकी 36 बिरादरी के ग्रामीणों ने सकारात्मक सोच का परिचय दिया। वीएस चौधरी डुलियानी, प्रिंसिपल वकील सिंह, वेदपाल नंबरदार, संपूर्ण नंबरदार, छोकर परिवार, जसवंत, करणी, हीरा, गैंगली, शहजादा, पूर्व सरपंच चरण सिंह, पूर्व सरपंच सुमेर सिंह, रामपाल गुर्जर, सुरेश नंबरदार, कमलेश नंबरदार आदि ने अच्छी पहल की शुरुआत करते हुए गांव में चुनाव न करवा कर सर्वसम्मति से शंकर सिंह को सरपंच बनाने पर सहमति जताई।
गौरतलब है कि शंकर सिंह कई चुनाव हार चुके थे लेकिन उनकी छवि एक समाजसेवी की रही है। ग्रामीणों में इस निर्णय को लेकर खुशी का माहौल है। हालांकि इस फैसले पर मुहर 21 अक्तूबर को लग जाएगी। कहा जा रहा है कि ग्रामीणों के आपसी भाईचारे को देखते हुए लगता है कि इस बार डुलियानी के ग्रामीणों ने दूसरे गांवों के लिए भी अच्छा संदेश देने की कोशिश की है। उल्लेखनीय है कि पिछले चुनाव में चरण सिंह गुट व व शंकर सिंह के बीच कांटेदार मुकाबला हुआ था। इसमें लगभग 47 वोटों से विजयी रहा था। अगर गांव में मतदाताओं की बात करे तो गांव में लगभग 1300 मतदाता हैं। जिनमें गुर्जर समाज 900, एससी लगभग 230, बीसी 90 वोटें हैं।