संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड की सुविधा सीमित होने से गर्भवती महिलाओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में सप्ताह के सभी कार्यदिवस पर अल्ट्रासाउंड उपलब्ध न होकर केवल तीन दिन ही यह सुविधा दी जा रही है।
इस कारण गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड के लिए 12 से 15 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। कई मरीज तीन-तीन दिन लाइन में लगने के बाद भी जांच नहीं करवा पा रहे। मजबूरी में उन्हें निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ता है, जहां महंगे दामों पर अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है।
स्थिति यह भी है कि आयुष्मान योजना के तहत निजी अस्पतालों में भी पिछले 20 दिन से अल्ट्रासाउंड सेवा बंद है। मरीजों का कहना है कि गर्भावस्था में समय पर अल्ट्रासाउंड आवश्यक है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही से सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर नहीं मिल पा रहा।
नियमानुसार एक से दो दिन का समय ः आम मरीजों को इंतजार करना पड़ता है। कई ने आरोप लगाया कि सिफारिशी मरीजों का अल्ट्रासाउंड तुरंत कर दिया जाता है। जानकारी मिली कि नियमानुसार एक से दो दिन के भीतर अल्ट्रासाउंड होना चाहिए। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर अल्ट्रासाउंड अत्यंत आवश्यक है। इस व्यवस्था में सुधार होना चाहिए।
विभाग अल्ट्रासाउंड की सुविधा को लेकर गंभीर है। गर्भवती महिलाओं का अल्ट्रासाउंड लगातार किया जा रहा है। आयुष्मान योजना के तहत भी उचित व्यवस्था की गई है। -डॉ. रेनू चावला, सिविल सर्जन
कैथल। जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड केंद्र के बाहर लगी भीड़। संवाद