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Kaithal News: एक डॉक्टर के भरोसे अल्ट्रासाउंड सेंटर, वह भी छुट्टी पर

Tue, 30 Dec 2025 01:26 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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कैथल- अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर लगा पोस्टर।
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कपिल तंवर
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कैथल। डॉ. साहब 31 दिसंबर तक छुट्टी पर हैं...। यह सूचना नागरिक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड कक्ष के बाहर नोटिस के रूप में चस्पा कर दी गई है। इस नोटिस का सीधा अर्थ यह है कि जिले के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल में अल्ट्रासाउंड जैसी जरूरी जांच सेवा पूरी तरह बंद है। इसका खामियाजा सीधे उन गरीब और जरूरतमंद मरीजों को भुगतना पड़ रहा है, जो इलाज के लिए पूरी तरह सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं पर निर्भर हैं।

रेडियोलॉजिस्ट के छुट्टी पर होने के चलते सोमवार को भी नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवाएं ठप रहीं। जांच के लिए पहुंचे मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा। हालात यह रहे कि अस्पताल के डॉक्टर नियमित रूप से मरीजों को अल्ट्रासाउंड की सलाह देते रहे, लेकिन जब मरीज जांच कक्ष तक पहुंचे तो वहां ताला लटका मिला। अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई, बल्कि पूरी सेवा ही बंद कर दी गई।
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सबसे गंभीर स्थिति गर्भवती महिलाओं के लिए उत्पन्न हो गई है। अस्पताल में रोजाना बड़ी संख्या में गर्भवती महिलाएं जांच के लिए आती हैं, जिनके लिए अल्ट्रासाउंड बेहद आवश्यक होता है। ऐसे में उन्हें मजबूरी में निजी अल्ट्रासाउंड सेंटरों का रुख करना पड़ रहा है, जहां 800 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। जबकि यही सेवा नागरिक अस्पताल में पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध है।

नागरिक अस्पताल में प्रतिदिन औसतन 60 से 70 अल्ट्रासाउंड किए जाते हैं। इनमें से करीब 30 अल्ट्रासाउंड गर्भवती महिलाओं के होते हैं, जबकि शेष अन्य बीमारियों से संबंधित जांच होती है। जिला नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के लिए केवल एक ही रेडियोलॉजिस्ट नियुक्त है। ऐसे में जब वह किसी कारणवश छुट्टी पर जाते हैं, तो पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है और मरीजों को निजी केंद्रों में महंगे दामों पर जांच करवाने को मजबूर होना पड़ता है।

अर्जुन नगर निवासी राजेश ने मांग की कि अस्पताल में एक से अधिक रेडियोलॉजिस्ट नियुक्त किए जाएं या छुट्टी के दौरान वैकल्पिक व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए। साथ ही मरीजों को पहले से सूचना देने की व्यवस्था भी होनी चाहिए, ताकि उन्हें बार-बार अस्पताल के चक्कर न काटने पड़ें। गांव भानपुरा निवासी मनदीप सिंह ने बताया कि पिछले चार दिनों से पेट में दर्द की शिकायत थी। डॉक्टर ने अल्ट्रासाउंड की सलाह दी, लेकिन जब वह कमरा नंबर-25 स्थित अल्ट्रासाउंड कक्ष में पहुंचे तो वहां ताला लगा मिला। मजबूरी में बिना जांच ही लौटना पड़ा।

जिला नागरिक अस्पताल के अल्ट्रासाउंड सेंटर में फिलहाल एक ही डॉक्टर कार्यरत हैं। किन्हीं कारणों से उन्हें छुट्टी पर जाना पड़ा है, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही है। गर्भवती महिलाओं के लिए बाहर के कुछ सेंटरों में निशुल्क अल्ट्रासाउंड की व्यवस्था की गई है। अन्य मरीजों को डॉक्टर के वापस आने तक इंतजार करना पड़ेगा। -डॉ. रेनू चावला, सीएमओ

मैं लगभग पांच माह की गर्भवती हूं। जांच के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचीं, लेकिन अल्ट्रासाउंड कक्ष बंद मिला। बाहर निजी सेंटर से जांच कराने के लिए कहा गया, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ गया। -सोनिया, गांव जखौली।
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नागरिक अस्पताल में केवल एक रेडियोलॉजिस्ट की नियुक्ति होना गंभीर सवाल खड़े करता है। डॉक्टर के अवकाश पर जाते ही पूरी जांच व्यवस्था ठप हो जाती है, जिससे मरीजों की बीमारी का समय पर पता नहीं चल पाता। -पारस, मलिकपुर

कैथल- अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर लगा पोस्टर।

कैथल- अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर लगा पोस्टर।

कैथल- अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर लगा पोस्टर।

कैथल- अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर लगा पोस्टर।

कैथल- अल्ट्रासाउंड कक्ष के गेट पर लगा पोस्टर।

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