संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश संगीता राय सचदेव की अदालत ने स्मैक रखने के दोषी को दो साल की कैद और 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर दो महीने की अतिरिक्त जेल काटने के आदेश दिए गए हैं।
इस बारे में थाना पूंडरी में छह अक्तूबर 2019 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21-बी के तहत केस दर्ज किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से केस की पैरवी उप जिला न्यायवादी जेबी गोयल ने की। केस फाइल के हवाले से गोयल ने बताया कि छह अक्तूबर 2019 को एसआई बलजीत सिंह अपनी टीम के साथ गश्त के दौरान गांव पाई बस अड्डे पर पहुंचे। वहां एक गुप्तचर ने पुलिस को सूचना दी कि गुरमीत सिहं उर्फ मीती निवासी गांव पाई के पास अवैध हथियार होने का संदेह है। वह इस समय पिलनी रोड पर जोहड़ के पास खड़ा है।
पुलिस ने रेडिंग पार्टी तैयार की और गुप्तचर की ओर से बताई जगह जोहड़ के पास पिलनी रोड पर पहुंची। वहां, जोहड़ के किनारे एक युवक खड़ा था जो पुलिस की गाड़ी को देखकर पिलनी रोड पर गांव की तरफ चलने लगा। तभी पुलिस ने उसे उसे पकड़ लिया। जब उसका नाम पता पूछा तो उसने अपना नाम गुरमीत सिहं उर्फ मीती निवासी गांव पाई बताया।
पुलिस ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने जब उसकी तलाश ली ताे उसके पास से अवैध हथियार तो नहीं मिला अलबत्ता उसके पास से सात ग्राम 500 मिलीग्राम स्मैक बरामद हुई। पुलिस ने केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार कर लिया व चालान बनाकर अदालत में भेज दिया। मामले में कुल नौ गवाह पेश किए।
एडीजे संगीता राय सचदेव की अदालत ने दोनों पक्षों को गौर से सुनने के बाद गुरमीत को स्मैक रखने का दोषी पाया और दो साल की कैद व 30 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।