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दुराचार के दोषी दो तांत्रिकों को 10-10 साल कैद

Sat, 31 May 2014 11:45 PM IST
कैथल
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कैथल। झाड़फूंक के नाम पर देवरानी और जेठानी से दुराचार करने के दो दोषी तांत्रिकों को शनिवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दस-दस साल की सजा सुनाई है। साथ ही दोनों पर 22-22 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर दोषियों को पौने चार साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। घटना दिसंबर 2013 की है और मुख्य दोषी मेदु भक्त जींद के गांव तलोढ़ा का रहने वाला है।
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घटनाक्रम के अनुसार, शहर के एक नगर की रहने वाली महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि दूसरे लड़के के जन्म के बाद जब उसे कुछ कमजोरी महसूस हुई तो किसी ने उसे मेदु भगत से झाड़ा लगवाने की सलाह दी। बीते साल मार्च में दोषी झाड़ा लगाने बाद सास और बहू को मेंहदीपुर राजस्थान भी ले गया।

इस दौरान उसने रास्ते में महिला को नशीले लड्डू खाने को दिए तथा स्वांग रचाकर कहा कि बीमारी पकड़ में आ गई है। इसके बाद उसने घर पर चौकी लगाने के बहाने तांत्रिक धुनी रमाकर कुछ क्रियाएं करता रहा। इस दौरान उसने उनसे तीन से पांच पांच हजार रुपये भी लिए। इसके बाद दोषी ने क्रियाओं में मदद के बहाने अपने मामा के बेटे को हेमंत को भी बुला लिया और कहा कि यह काफी नामी तांत्रिक है।
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जून महीने में दोनों तांत्रिकों ने महिलाओं के परिजनों की गैर मौजूदगी में चौकी बिठाने के दौरान महिला की देवरानी से ूदूध मंगवाया। जिसे देखकर उन्होंने कहा कि इस पर भूत-प्रेत का असर है तथा इसका वंश नहीं चलेगा और उसे भी चौकी पर बिठा लिया। इसके बाद दोनों ने महिलाओं को पानी में कोई काली चीज मिलाकर पीने को दी और मानव खोपड़ीनुमा वस्तु उनके कान से लगाते हुए कहा, ‘तुम में जिन्न है, उससे बोलो कि तुम उससे प्यार करती हो, अपने पति से नहीं।’ उन्होंने क्रियाओं के दौरान चमत्कार दिखाते हुए अचानक कपड़ों में आग लगा दी तथा अपने अंगुठे में हल्का ब्लेड मारकर खून महिला व उसकी देवरानी की मांग में टपका दिया।

किसी नशे की वजह से जब औरतों को चक्कर और नींद आने लगी, तो दोनों ने उनसे जबरन दुराचार किया। यह सिलसिला बाद में भी चलता रहा तथा महिलाएं शर्म के मारे किसी को कुछ नहीं बता सकीं। इसी बीच चार दिसंबर 2013 को महिला ने चालाकी बरतते हुए पानी नहीं पिया तथा हौसला दिखाते हुए कहा कि शोर मचाया। इसके बाद दोनों तांत्रिक बाइक पर फरार हो गए। उधर, महिलाओं के परिजनों ने पुलिस को मामले की सूचना दी।

बाईस-बाईस हजार रुपये जुर्माना भी लगाया
पुलिस प्रवक्ता रोशन लाल खटकड़ ने बताया कि सिविल लाइन के सबइंस्पेक्टर बलवान सिंह ने पूंडरी के फतेहपुर से आरोपियों को गिरफ्तार किया था। शनिवार को जयबीर हुड्डा की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोनों तांत्रिकों को दोषी करार देते हुए 10-10 साल कारावास की सजा सुनाई है। इसके अलावा 22-22 हजार रुपये जुर्माना भी अदा किया गया है। महिलाओं की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अजय गुप्ता ने कहा कि फास्ट ट्रैक कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद पीड़ितों को न्याय मिला है। दोनों दोषियों को दस-दस साल सजा सुनाई गई है।

जुर्माना न देने पर पौने चार साल की अतिरिक्त सजा
जुर्माना अदा न करने की सूरत में दोषियों को पौने चार साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। दोनों दोषियों को आईपीसी की धारा 376 के तहत 10 साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर डेढ़ वर्ष का अतिरिक्त कारावास, नशीला पदार्थ पिलाने पर धारा 328 के तहत सात साल कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना, जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कारावास, धोखाधड़ी करने के दोष में धारा 420 के तहत पांच साल कैद, पांच हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना न देने पर एक साल अतिरिक्त कैद भुगतनी पड़ेगी। वहीं, जान से मारने की धमकी देने के दोष में धारा 506 तहत 2 दो साल कैद और दो हजार रुपये जुर्माना और जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी।
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