कैथल। विदेश से रिश्तेदार बनकर चीका क्षेत्र के एक बुजुर्ग से 23 लाख रुपये की ठगी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान अरथूना मोहल्ला लोसल जिला सीकर राजस्थान निवासी धर्मेंद्र व किशोर के रूप में हुई है।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि चीका के वार्ड नंबर 16 निवासी एक बुजुर्ग की शिकायत के अनुसार, उसके दो बेटे 15 साल से इटली गए हुए हैं। उसके साले गांव कसौर निवासी बहादुर के भी दो बेटे बलराज व मनजीत भी इटली गए हुए हैं। मनजीत बचपन से ही उनके घर रहता था इसलिए वह उससे बेटों की तरह प्यार करता था। 29 मई 2023 को उसके पास विदेशी नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि फुफड जी मैं मनजीत बोल रहा हूं।
पीड़ित के मुताबिक, वह आरोपी की बातों में आ गया और भावना में बहकर उसने अपनी पत्नी से भी आरोपी की बात करवाई। आरोपी ने उससे कहा कि वह 15 दिन बाद भारत आ रहा है और उसने इटली के डोंकरों से कागजात बनवाए हैं, जिनके तीन लाख रुपये बनते है जो अभी देने हैं। आप तीन लाख रुपये अभी भेज दो। उसने आरोपी को मनजीत समझकर 15 हजार रुपये बताए गए बैंक खाते में जमा करवा दिए। इसके बाद दूसरे युवक की कॉल आई और कहने लगा कि उसने मनजीत के कागजात तैयार करवाए हैं। उसकी मां बीमार है और उसे रुपयों की सख्त जरूरत है इसलिए और रुपये भेजें। इसके बाद उसने दो लाख 85 हजार रुपये और जमा करवा दिए।
फिर कॉल आने पर और मां ज्यादा बीमार होने के नाम पर उसने एक लाख रुपये और जमा करवा दिए। आरोपी बार-बार कोई न कोई बहाना बनाकर उससे 23 लाख रुपये हड़प गए। इसके बाद उसने अपने साले बहादुर से बात की तो उसे पता चला कि मनजीत सिंह बिल्कुल ठीक है और उसने रुपये भी नहीं मांगे हैं। फिर उसे अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। इस बारे में साइबर थाना में मामला दर्ज था।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस जांच में सामने आया कि एक लाख रुपये धर्मेंद्र के खाते में गए हुए हैं। किशोर कुमार को काबू कर पूछताछ की गई तो उसने बताया कि वह और उसका एक साथी शाहरुख पहले दुबई रहते थे। वह तो दुबई से वापस आ गया, लेकिन शाहरुख वापस नहीं आया। शाहरुख अपने अन्य साथियों के साथ मिल कर साइबर क्राइम करता है।
शाहरुख ने ही उसे बैंक खाते उपलब्ध करवाने के बारे में बोला था। उनको खाते उपलब्ध करवाने की एवज में कमीशन मिलता है। उसने व धर्मेंद्र ने मिलकर धर्मेंद्र का खाता शाहरुख को उपलब्ध करवाया था। दोनों आरोपी न्यायालय में पेश किए गए, जहां से आरोपी धर्मेंद्र को न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। आरोपी किशोर का न्यायालय से चार दिन पुलिस रिमांड हासिल किया है।