कलायत। उप मंडल स्तरीय आजादी दिवस समारोह में कैथल भाजपा विधायक लीलाराम गुर्जर को मुख्य अतिथि की जिम्मेदारी सौंपने पर राजपूत समाज ने कड़ा विरोध जताया है। इस मुद्दे को लेकर राजपूत समाज और सम्राट मिहिर भोज संघर्ष समिति ने वीरवार को डीसी जगदीश शर्मा को ज्ञापन सौंपा। इसमें सदस्यों ने तनाव की स्थिति से बचने के लिए स्वतंत्रता समारोह में किसी प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य अतिथि बनाने का सुझाव भी दिया है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने डीसी से कहा कि कैथल में सम्राट मिहिर भोज प्रतिमा के अनावरण के बाद के घटनाक्रम से राजपूत समाज में भारी रोष है। इस प्रकार के माहौल में लीलाराम गुर्जर को कलायत में बतौर मुख्य अतिथि ध्वजारोहण के लिए शामिल करने से तनाव की स्थिति पैदा हो सकती है। डीसी को सौंपे गए ज्ञापन की प्रति प्रधानमंत्री, हरियाणा के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और गृह मंत्री को भी प्रेषित की है।
इससे पहले कलायत में राजपूत समाज की बैठक हुई। इसमें अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा उपाध्यक्ष सलिंद्र प्रताप राणा, प्रांतीय अध्यक्ष विनोद थंबड और प्रतिनिधिमंडल में शामिल लोगों ने कहा कि राष्ट्रीय पर्व के दौरान 36 बिरादरी के लोग कार्यक्रम में अपनी प्रतिभागिता दर्ज करवाते आए हैं। कैथल में 19 जुलाई को समाज के विरोध के बावजूद 20 जुलाई को सम्राट मिहिर भोज की प्रतिमा अनावरण किया। शांति प्रदर्शन कर रहे राजपूत समाज के लोगों पर कुछ नेताओं के इशारे पर लाठीचार्ज किया। तब से ही समाज के लोगों में इन नेताओं के खिलाफ भारी रोष व्याप्त है।
प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने कहा कि इस माहौल में विधायक लीला राम गुर्जर को कलायत में आयोजित होने वाले उप मंडल स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल करने से सामाजिक तानाबाना खराब हो सकता है। प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका विरोध स्वतंत्रता दिवस ध्वजारोहण को लेकर नहीं है। कैथल के भाजपा विधायक और गुर्जर समाज के नेताओं की बजाय प्रशासनिक अधिकारी को मुख्य अतिथि की जिम्मेदारी सौंपी जाए।