कैथल। ट्रक यूनियन के तहत गेहूं ढुलाई का काम कर रहे ट्रक चालकों ने मंगलवार को हैफेड में धर्मकांटे पर जाम लगाकर प्रदर्शन किया। हैफेड के एक इंस्पेक्टर पर उनके ट्रकों को पास करने के लिए रिश्वत की मांग करने का आरोप लगाया। बाद में ट्रक चालक विधायक लीला राम से मिले और उनसे कार्रवाई की मांग की। मामला डीसी के संज्ञान में पहुंच चुका है। ट्रक यूनियन के प्रधान रामफल राविश ने बताया कि ध्रुव सैनी ने मंडी से हैफेड गोदाम तक गेहूं ढुलाई का टेंडर लिया हुआ है। इस ठेकेदार ने ट्रक यूनियन को काम दिया हुआ है। इसमें दूसरे ठेकेदारों के 400 से 500 कट्टों तक पास किए जा रहे हैं। जबकि उनकी यूनियन के केवल 380 कट्टो जो स्वीकृत हैं, उन्हें भी पास नहीं किया जा रहा। इसमें 370 कट्टे लाए जाने की बात कही जा रही है। सतनाम राइस मिल में हैफेड ने किराये प्लिंथ लिए हुए हैं। जिसके लिए एक इंस्पेक्टर द्वारा मिलीभगत करते हुए विशेष रुप से 5 ट्रकों को स्पैशल छूट दे रखी है। जो दिन में सीधा मंडी से सतनाम राइस मिल में 5 से 6 चक्कर लगाते हैं। जबकि ट्रक यूनियन के एक ट्रक का 4 दिन में एक चक्कर खाली होता है। इस तरह से ये 5 ट्रक चालक तो अधिकारियों की मिलीभगत से एक दिन में 5 चक्कर लगाते हैं, बाकि करीब 300 गाडिय़ों में चालक व परिचालक चार-चार दिन तक अपनी बारी का इंतजार करते हैं। इतना ही नहीं 5 ट्रकों को वजन के लिए सतनाम राइस मिल में ही वजन करने की अनुमति दी हुई है। बाकियों को हैफेड कॉम्पलेक्स में लगे धर्मकांटे पर वजन के लिए इंतजार करना पड़ता है। इस कारण सभी ट्रक चालकों ने एकत्रित होकर हैफेड डीएम से मुलाकात की। जहां सुनवाई ना होने पर धर्मकांटे पर जाम लगा दिया। इसके बाद एसडीएम से मिले। बाद में विधायक लीलाराम से मिलकर कार्रवाई की मांग की। यह सब केवल और केवल ट्रक चालकों को परेशान किया जा रहा है। ठेकेदार धु्रवसैनी ने कहा कि वे हर रोज 72000 कट्टों का उठान कर रहे हैं, जिसके लिए शाबासी देना तो दूर, उल्टा परेशान किया जा रहा है। धर्मकांटे पर बदमाश टाइप के लोग बैठे रहते हैं। एक कर्मचारी के रिश्तेदार यहां बैठे हैं, जो सभी को परेशान किए हुए हैं।