संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। धान की ढुलाई को लेकर कलायत अनाज मंडी में बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टरों ने कृषि कार्य के लिए पंजीकृत लेकिन व्यावसायिक रूप से इस्तेमाल हो रही ढांझ (ओवरलोडिंग के लिए ऊंची साइड) लगी ट्रैक्टर-ट्रॉलियों द्वारा अवैध रूप से धान ढुलाई किए जाने का कड़ा विरोध किया।
शनिवार रात्रि को मंडी से धान का उठाव कर रही इन ट्रॉलियों पर ट्रक चालकों ने आपत्ति जताई। उनका आरोप है कि यह अवैध और ओवरलोडेड ढुलाई उनके वैध परिवहन व्यवसाय को पूरी तरह से ठप कर रही है, जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है और दिवाली की खुशियां भी फीकी पड़ने का संकट उत्पन्न हो गया है।
नाराज ट्रक चालकों का मुख्य आरोप है कि ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग कृषि कार्य के बजाय व्यावसायिक तौर पर किया जा रहा है, और ओवरलोडिंग से उनकी कानूनी आय प्रभावित हो रही है।
रोजी-रोटी पर संकट
नाराज ट्रक ड्राइवर बलिंदर, काला राम, मोनू, सुरेश कुमार और सोनू ने बताया कि मंडी में उनका काम प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि ट्रैक्टर वाले आधे रेट में दोगुना माल ले जा रहे हैं, जबकि हमारे ट्रक खाली खड़े हैं। दिवाली आने वाली है, बच्चों के लिए कपड़े और मिठाई कैसे लाएंगे। यदि उनका काम नहीं चला तो त्योहार कैसे मनाएंगे।
प्रशासन पर आरोप ः ट्रक चालकों ने परिवहन विभाग और स्थानीय प्रशासन पर नियमों के उल्लंघन को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अवैध और ओवरलोडिंग वाले वाहन न सिर्फ सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा के लिए भी गंभीर खतरा हैं।
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24 घंटे का अल्टीमेटम
ट्रक यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों में प्रशासन ने ढांझ वाली इन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की और उन्हें मंडी में प्रवेश से रोका नहीं गया, तो वे अपने ट्रकों को सड़कों पर खड़ा करके राज्यव्यापी हड़ताल करेंगे। ट्रक ड्राइवरों ने प्रशासन से अपील की है कि दिवाली से पहले उनका काम सामान्य हो और वे अपने परिवारों के साथ त्योहार खुशहाल तरीके से मना सकें।