संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका। किसान आंदोलन के कारण लगातार 32 दिन से टटियाना बॉर्डर पूरी तरह सील होने से लोगों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। इससे परेशान लोगों ने टटियाना बॉर्डर एक ओर खोलने की गुहार लगाई है ताकि थोड़ी राहत मिल सके।
एक तरफ जहां लोगों को चीका शहर में ही आधुनिक औद्योगिक क्षेत्र में अपने काम धंधों पर जाने के लिए परेशानी उठानी पड़ रही है। वहीं, चीका से पटियाला, समाना, चंडीगढ़ जाने वाले लोगों का सफर काफी लंबा हो रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है।
शहरवासियों ने मांग उठाई है कि जब तक किसान शंभू और दाता सिंह बॉर्डर पर हैं तो टटियाना बॉर्डर को एक तरफ से रास्ते को वाहनों के आवागमन के लिए खोल देना चाहिए। इससे लोगों की मुसीबत कुछ हद तक कम होगी। अन्यथा आए दिन परेशानियों से दो-चार होना पड़ रहा है।
किसानों के गुहला चीका क्षेत्र पहुंचने की आहट के बाद से कैथल पुलिस ने हरियाणा-पंजाब के दोनों बॉर्डरों पर कड़े बंदोबस्त किए हैं। बॉर्डर सील हैं। अब पुलिस के इंतजाम लोगों को काफी भारी पड़ रहे हैं। दोनों राज्यों में अपने अलग-अलग कार्यों के लिए जाने वाले लोगों को अब समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। चीका से पटियाला, समाना या चंडीगढ़ से आवागमन अब बेहद मुश्किल हो रहा है। कई दिनों से कैथल पुलिस ने कैथल से लगते खनौरी बॉर्डर व टटियाना बॉर्डर को किले में तब्दील किया हुआ है। घग्गर नदी पुल पर टटियाना बॉर्डर को कैथल पुलिस ने जबरदस्त तरीके से बैरिकेडिंग करके रास्ते को बंद किया हुआ है। यहां पर पांच चरण की बैरिकेडिंग की हुई है।
सड़क मार्ग के रास्ते चीका में आवागमन बिल्कुल ठप हो गया है। शहर के निवासी विपिन, मुकेश बंसल, टिंकू, सौरभ ने कहा कि कई दिनों से किसान हरियाणा-पंजाब के शंभू बॉर्डर व खनौरी बॉर्डर पर डटे हुए हैं। यह दूरी 100 किलोमीटर के आसपास है। ऐसे में गुहला चीका क्षेत्र के टटियाना बॉर्डर को पुलिस द्वारा खोला जाना चाहिए।
जब तक उच्च अधिकारियों के ऑर्डर नहीं आ जाते तो टटियाना बॉर्डर इसी तरह सील रहेगा। वे टटियाना बॉर्डर पर बैठे रहेंगे। इसके साथ ही पुलिस बल व अर्धसैनिक बल तैनात रहेगा। -कृष्ण कुमार, एसडीएम, गुहला