डॉक्टरों की कमी के कारण शहर में एक बड़े हिस्से में स्वास्थ्य सुविधाएं देने की योजना को झटका लग सकता है। विभाग ने जिला अस्पताल के अलावा चल रहे दो पीएचसी स्तर के अस्पतालों के साथ-साथ लगभग 50 हजार की आबादी को सामान्य चिकित्सा सेवाएं देने के लिए तीसरा पीएचसी स्तर का अस्पताल खोलने का फैसला किया है लेकिन इसके लिए विभाग को डॉक्टर ही नहीं मिल रहे हैं। विभाग द्वारा पांच डॉक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया गया था लेकिन अभी तक एक भी डॉक्टर ने आवेदन नहीं किया है। वहीं जिला स्तर पर भी चिकित्सकों की कमी विभाग के लिए सिरदर्द बनी हुई है।
लाइन पार के इलाके लिए सुविधा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा हुडा सेक्टर 18 में जिलास्तरीय इंदिरा गांधी अस्पताल के अलावा पुराना अस्पताल परिसर में एक पीएचसी अस्पताल चलाया जा रहा है। वहीं शक्ति नगर में दूसरा अर्बन पीएचसी चलाया जा रहा है। अब रेलवे लाइन पार के इलाके में सामान्य चिकित्सा सेवाएं देने के लिए तीसरा पीएचसी खोला जाना है। लगभग 50 हजार की आबादी के लिए यह पीएचसी खोला जाना है।
दूसरे पदों के लिए हुए थे आवेदन
शहर के इस अस्पताल में चिकित्सकों को छोड़कर स्टॉफ नर्स सहित अन्य स्टॉफ सदस्यों के पदों के लिए कई उम्मीदवारों ने आवेदन किया था लेकिन डॉक्टर के पदों के लिए कोई आवेदन नहीं आया। विभाग द्वारा अच्छे वेतन का भी ऐलान किया गया है। बावजूद इसके डॉक्टर सरकारी अस्पतालों में नौकरी करने को तैयार नहीं हैं जिस कारण विभाग की लगभग 50 हजार की आबादी को स्वास्थ्य सेवाएं देने की योजना पर असर पड़ सकता है। वहीं लोगों को घर के पास इस सुविधा से वंचित भी रहना पड़ सकता है।
जिलास्तर पर भी बनी हुई है कमी
नया पीएचसी तो दूर, स्वास्थ्य विभाग द्वारा पहले से चलाए जा रहे चिकित्सकों केंद्रों में डॉक्टरों की कमी को पूरा करना टेढ़ी खीर बना हुआ है। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिला स्तर पर अस्पताल में जरूरत से आधी से भी कम संख्या में डॉक्टर काम कर रहे हैं। पिछली बार 22 डॉक्टरों के पदों को भर्ती के लिए मुद्दा उठाया गया था जिसमें से 12 डॉक्टरों की तैनाती के आदेश तो जारी हो गए लेकिन इनमें से से भी चार डॉक्टर तबादले के बाद यहां आए ही नहीं। ऐसे में विभाग द्वारा दी जाने वाली स्वास्थ्य योजनाओं की सफलता कैसे सुनिश्चित होगी।
डॉक्टरों की भर्ती का प्रयास
सिविल सर्जन डॉ. आदित्य स्वरूप गुप्ता ने कहा कि डॉक्टरों की भर्ती के लिए प्रयास किया जा रहा है। 50 हजार की आबादी को घरों के पास ही स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करवाने के लिए नया पीएचसी खोला जा रहा है। जब तक डॉक्टर नहीं मिल जाते, तब तक स्वास्थ्य विभाग द्वारा किसी तरह से काम चलाया जाएगा। शीघ्र ही पीएचसी को शुरू कर दिया जाएगा।