मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा द्वारा प्रदेश में तीन साल की सेवा पूरी कर चुके कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की घोषणा से जिले के कई कर्मचारियों में उम्मीद जगी है। कर्मचारी घोषणा के बाद बनने वाली नीति को लेकर काफी उत्सुक हैं लेकिन इस ऐलान के बाद वीरवार को दिन भर कर्मचारियों में एक-दूसरे से जानकारी लेने और देने का सिलसिला जारी रहा। अकेले कैथल में लगभग 2000 हजार कर्मचारियों को इस घोषणा का फायदा हो सकता है।
विभिन्न कर्मचारी संगठनों के नेता इस घोषणा से होने वाली राहत पर विचार-विमर्श करने में जुटे हुए हैं। प्रदेश सरकार ने पंजाब सरकार की तर्ज पर तीन साल से विभिन्न विभागों में लगे कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने की घोषणा की है। केवल घोषण मात्र से ही जिले के विभिन्न विभागों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों में बेहतर भविष्य की उम्मीद जग गई है।
कैथल में करीब दो हजार कर्मचारी
अकेले कैथल में विभिन्न विभागों में हजारों कच्चे कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, लोक संपर्क, डीसी कार्यालय, हरियाणा रोडवेज, बिजली विभाग, शिक्षा विभाग सहित अन्य में हजारों की संख्या में कर्मचारी लगे हैं जिन्हें अभी कच्चे कर्मचारियों की तर्ज पर वेतन दिया जा रहा है। जिले में यदि कुल 2000 कर्मचारी भी नियमित होते हैं तो सरकार का जिला वासियों के लिए यह बड़ा तोहफा होगा जिससे हजारों परिवारों की रोजी-रोटी सुनिश्चित हो जाएगी।
प्रोजेक्ट में कार्यरत कर्मचारी शामिल नहीं
सर्वकर्मचारी संघ के नेता सतबीर गोयत का कहना है कि सरकार ने जो ऐलान किया है उससे बहुत सारे कच्चे कर्मचारियों को फायदा होगा। मुख्यमंत्री की यह घोषणा सराहनीय है। तीन साल की सेवा पूरे कर चुके कर्मचारियों को अब उनका हक मिलने वाला है। कैथल में भी कई कर्मचारियों को इस घोषणा से फायदा होगा।
नोटिफिकेशन से पता चल पाएगा
हरियाणा सर्विस सुरक्षा मंच के अध्यक्ष भरत सिंह बैनीवाल का कहना है कि सरकार ने कर्मचारियों के हित में फैसला लिया है। नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही पता चल सकेगा। प्रारंभिक तौर पर पंजाब की तीन साल की, हिमाचल की पांच साल की नीति एवं उच्चतम न्यायालय द्वारा जारी किए गए उमा देवी के निर्णय को मद्देनजर रखते हुए नई पॉलिसी जारी होगी। इसमें आने वाले कर्मचारियों को इसका लाभ मिल सकता है।
बजते रहे मोबाइल फोन
अखबारों में कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने की खबर छपने के बाद सुबह से ही कर्मचारियों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। इसके बाद तो कर्मचारी अपने-अपने विभाग के साथ-साथ कर्मचारी संगठनों के नेताओं से खुद के बारे में जानकारी लेने में जुट गए। देर शाम तक यह सिलसिला जारी रहा। कर्मचारी नेता भरत सिंह बैनीवाल, सतबीर गोयत, जयप्रकाश शास्त्री ने कहा कि कर्मचारियों में हुड्डा के ऐलान से उत्साह है। लोग इस बारे में काफी पूछताछ कर रहे हैं। उम्मीद है कि सरकार शीघ्र ही स्थिति साफ कर देगी।