संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। शहर के जींद रोड चुंगी बाईपास और प्यौदा रोड बाईपास पर ट्रैफिक लाइट नहीं हैं और यहां पुलिस कर्मी भी स्थायी रूप से तैनात नहीं रहते। इस मार्ग से राष्ट्रीय राजमार्ग हिसार-चंडीगढ़ गुजरता है, जिस पर दिनभर वाहनों का भारी दबाव रहता है। ट्रैफिक नियंत्रण के अभाव में जाम की स्थिति बनी रहती है और हादसों का खतरा बढ़ जाता है।
रात के समय दृश्यता कम होने और सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी से भी वाहन चालक अक्सर घायल हो जाते हैं। इस समय धान सीजन के चलते ट्रैक्टर-ट्रॉली की आवाजाही ने जाम की स्थिति को और बिगाड़ दिया है। बाईपास पर कैथल रोड की ओर पेचवर्क कार्य चलने से बाईपास पर चढ़ने वाला रास्ता बंद है, जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है।
हमेशा रहता है हादसों का डर ः इस रास्ते से जींद, हिसार, कलायत और नरवाना की ओर जाने वाले वाहन सीधे हाईवे पर चढ़ते हैं लेकिन मार्ग अवरुद्ध होने से अब वाहन चालकों को गलत दिशा से आना पड़ता है, जिससे हादसे का डर बढ़ जाता है। सड़क की टूटी हालत और जगह-जगह बने गड्ढों के कारण बारिश के मौसम में दिक्कत दोगुनी हो जाती है। दोपहिया वाहन चालक कई बार फिसलकर घायल हो चुके हैं। प्योदा रोड व शेरगढ़ बाईपास की ओर से दोनों ओर से सड़क पार करते समय आपस में वाहनों के गिरने व चोटिल होने से कई बार लोग चोटिल हो चुके है।
जुलाई-अगस्त की बरसात में बाईपास पर बने गहरे गड्ढे अब तक भरे नहीं गए। कई गड्ढे इतने बड़े हैं कि बाइक और कार दोनों असंतुलित होकर गिर जाते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह विभागीय लापरवाही का परिणाम है। सड़क की मरम्मत व ट्रैफिक लाइट की तत्काल जरूरत है।
बाईपास पर आवश्यकता अनुसार पुलिस कर्मी की ड्यूटी लगाई जाती है। यदि किसी स्थान पर समस्या है, तो वहां अतिरिक्त ड्यूटी लगाकर जल्द समाधान किया जाएगा। -नरेश, ट्रैफिक थाना प्रभारी
बायपास रोड के बीच-बीच खड़े वाहन- फोटो : kishtwar news