राजौंद। महिला एवं बाल विकास राज्य मंत्री कमलेश ढांडा ने बुधवार को गांव सौंगल एवं राजौंद में कश्यप समाज की ओर से आयोजित महर्षि कश्यप जयंती
कार्यक्रम में मुख्यातिथि के तौर पर शिरकत की। उन्होंने इन कार्यक्रमों में महर्षि कश्यप को नमन करते हुए कहा कि सरकार समाज के हर वर्ग का सम्मान कर रही है।
राज्यमंत्री ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में सरकार सभी बिरादरी, वर्गों के उत्थान और उनको समाज में बराबरी का हक दिलाने के लिए काम कर रही है। 36 बिरादरी के मान-सम्मान में बढ़ोतरी से लेकर सामाजिक उत्थान के संकल्प से प्रदेश में भाईचारा मजबूत हो रहा है। हमारा पूरा-पूरा प्रयास है कि हर वर्ग की भावनाओं का सम्मान हो, उनकी आशाएं पूरी हो। उन्होंने कहा कि हमारा देश संत-महात्माओं का देश है। यह ऐसा देश है, जहां संतों के विचार पर आगे बढ़कर भाईचारा मजबूत हुआ है। संत-महात्माओं ने हमेशा न केवल भूली-भटकी मानवता को जीवन का सच्चा रास्ता दिखाया है, बल्कि सामाजिक बुराइयों को दूर करने का भी काम किया है। राज्यमंत्री ढांडा ने राजौंद में महर्षि कश्यप मंदिर एवं धर्मशाला में हाल निर्माण के लिए 20 लाख रुपए एवं एक कमरे के निर्माण के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की।
इससे पूर्व उन्होंने गांव सौंगल में महर्षि कश्यप धर्मशाला के अधूरे निर्माण को पूरा करवाने के लिए पांच लाख रुपये देने की घोषणा की। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष कपिल दीक्षित, चेयरपर्सन प्रतिनिधि पालिका राजौंद नरेंद्र प्रजापत, मास्टर जोगेंद्र, मास्टर राजकुमार, सरपंच संदीप कुमार, रोहतास, करनैल, संदीप कश्यप, रमेश कश्यप, लख्मी, रणधीर, स्वरूप कश्यप आदि मौजूद रहे।
सीवन, कौल में हवन के बाद बरताया भंडारा
सीवन। महर्षि कश्यप जयंती के उपलक्ष्य में नगर और कौल में हवन कर भंडारा लगाया। कार्यक्रम का शुभारंभ समाज के लोगों ने भगवान महर्षि कश्यप के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित के बाद हवन करके कियाा।
महर्षि कश्यप मंदिर के प्रधान पोलू कश्यप ने बताया कि गांव में हर साल भगवान महर्षि कश्यप की जयंती के अवसर पर हवन एवं भंडारे का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में यह आयोजन समाज के लोगों ने किया है। इस अवसर पर समाज सेवियों ने भगवान महर्षि कश्यप के जीवन पर प्रकाश डालते हुए समाज को एकजुट रहने के लिए प्रेरित किया। भंडारे में काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। इस अवसर पर सोनू, बादल, रामफल, प्रेम, धनपत, राजेंद्र, कृष्ण, राजेश सहित अन्य मौजूद रहे।
उधर, ढांड के कौल गांव की बैकवर्ड चौपाल परिसर में महर्षि कश्यप जयंती पर पहले हवन और फिर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। इसमें सैकडों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महर्षि कश्यप युवा सेवा समिति के बैनर तले समाज के लोगों ने जयंती कार्यक्रम बहुत हर्षोल्लास के साथ मनाया।
इसमें समाज के लोगों ने आहुतियां डालीं। इसके बाद सभा का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता रमेश कश्यप ने की। संचालक प्रदीप कश्यप ने किया। सभा में मुख्य अतिथि के रूप में गांव के सरपंच प्रतिनिधि नरेश आढ़ती कौल पहुंचे। महर्षि कश्यप युवा सेवा समिति की ओर से सरपंच प्रतिनिधि एवं अन्य अतिथियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
कश्यप समुदाय के लोगों ने नरेश आढ़ती को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया। इस अवसर पर सुरेंद्र कश्यप, प्रदीप कश्यप, सतपाल सिंह, महावीर सिंह व प्रवीन कश्यप मौजूद रहे।
कश्यप धर्मशाला में हवन लोगों ने डालीं आहुतियां
पूंडरी। पूंडरी में कैथली गेट स्थित कश्यप धर्मशाला में कश्यप जयंती मनाई। इस अवसर पर पंडित रविदत्त शास्त्री ने हवन करवाया। यज्ञ में यजमान के रूप में पूंडरी के प्रमुख समाज सेवी बलवान कश्यप व अजमेर कश्यप ने अपने परिवार सहित यज्ञ में अपनी आहुति अर्पित की। इस अवसर पर राजू कश्यप प्रधान द्वारा विशेष पूजा-अर्चना करवाई। पंडित रवि दत्त शास्त्री ने बताया कि कश्यप ऋषि उन सप्तर्षियों में से है, जिनका बहुत महत्वपूर्ण स्थान है। नरसिंह पुराण और विष्णु पुराण में महर्षि कश्यप की वंशावली का उल्लेख प्राप्त होता है। कश्यप ऋषि एक वैदिक ऋषि है जो देवता, दैत्य, असुर, नाग के जनक माने जाते हैं। संवाद