संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। कलायत के ग्यारह रुद्र्री मंदिर में भगवान परशुराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया। कार्यक्रम में
शामिल लोगों ने भगवान परशुराम को नमन किया। हवन भी किया।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण शर्र्मा ने बताया कि समाज ने सबसे पहले भगवान परशुराम के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनको नमन किया। इसके बाद हवन हुआ। पंडित प्रवीण शर्मा ने कहा कि वैशाख माह शुक्ल पक्ष की तृतीया पर भगवान परशुराम जी का जन्म हुआ था।
विहिप जिला सहमंत्री निशीकांत शर्मा ने कहा कि भगवान परशुराम भार्गव वंश में जन्मे भगवान विष्णु के छठे अवतार हैं। उनका जन्म त्रेतायुग में हुआ था। इस पावन दिन को अक्षय तृतीया कहा जाता है। ये तिथि भगवान परशुराम के जन्म से लेकर गंगा के धरती पर आने और कृष्ण-सुदामा के मिलन तक से जुड़ी है। माना जाता है कि इस दिन किया गया दान-पुण्य कभी क्षय नहीं होता।
अक्षय तृतीया के दिन जन्म लेने की वजह से ही भगवान परशुराम की शक्ति भी अक्षय थी। शास्त्रों में आठ चिरंजीव बताए गए हैं जिनमें परशुराम अष्टचिरंजीवियों में से एक हैं।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ने इस बार के आयोजन के लिए श्री राम जन्म भूमि से प्रसाद लाने का संकल्प लिया था।
इसके तहत श्रद्धालुओं का कारवां महासभा प्रदेश उपाध्यक्ष प्रवीण शांडिल्य की अगुवाई मेंं अयोध्या से लड्डुओं का प्रसाद लेकर कलायत मेंं पहुंचा।
इस अवसर पर पंडित विशाल शांडिल्य, नगर पार्षद आरएस धानियां, ग्यारह रुद्री शिव मंदिर पुजारी लोकेश शर्मा, बसंती माता मंदिर पुजारी रणबीर शास्त्री, संजीव सान्याल, रूप शर्मा व राजीव मौजूद रहे।