संवाद न्यूज, एजेंसी
कैथल। जिले के विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के क्षमता विकास एवं कौशल संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिला सांख्यिकीय कार्यालय द्वारा जिला परिषद सभागार में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उपायुक्त प्रीति ने की।
यह प्रशिक्षण अर्थ एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग, हरियाणा की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें जिले के अधिकांश विभागों के सांख्यिकीय सहायकों ने भाग लिया। यह पहल आंकड़ों के संकलन को अधिक विश्वसनीय, पारदर्शी और उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य विभागीय कर्मचारियों की क्षमता को डेटा संग्रह, संकलन, सत्यापन और रिपोर्टिंग के क्षेत्र में मजबूत बनाना था, ताकि जिला स्तर पर तैयार होने वाले सांख्यिकीय आंकड़े अधिक सटीक, प्रमाणिक और नीतिगत निर्णयों के लिए प्रभावी बन सकें।
उपायुक्त प्रीति ने अपने संबोधन में कहा कि कर्मचारियों को दिया जाने वाला प्रत्येक प्रशिक्षण—चाहे वह जनसंख्या संबंधी हो, योजनाओं के लाभार्थियों से संबंधित हो या किसी विशेष उद्देश्य से परिवार आधारित अध्ययन से—बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि हर डेटा आगे चलकर जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर उपयोग में आता है, और इसी डेटा के आधार पर बड़ी नीतियां और कल्याणकारी योजनाएं तैयार होती हैं। यही डेटा भारत के विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को साकार करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि मांगे गए सांख्यिकीय विवरण निर्धारित समय सीमा में जिला सांख्यिकीय कार्यालय को उपलब्ध करवाएं।
इस अवसर पर अर्थ एवं सांख्यिकीय कार्य विभाग की उपनिदेशक रानी देवी ने विभाग की कार्यशैली, आंकड़ों के महत्व और सांख्यिकीय सशक्तिकरण की प्रक्रिया पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि निर्णय लेने के लिए सही, स्पष्ट और विश्वसनीय आंकड़ों का उपयोग अनिवार्य है। आंकड़ों की सहायता से हम न केवल वर्तमान स्थिति का विश्लेषण करते हैं बल्कि भविष्य की संभावित चुनौतियों का भी पूर्वानुमान लगा पाते हैं।
प्रशिक्षण में सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य सुरेश गुलशन फील्ड एक्सपर्ट के रूप में शामिल हुए। उन्होंने भारतीय अर्थव्यवस्था तथा राज्य अर्थव्यवस्था की बारीकियों से प्रतिभागियों को अवगत करवाया। कार्यक्रम के अंत में उपनिदेशक रानी देवी ने प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए।
जिले में सांख्यिकीय कार्यालय डेटा संग्रह और विश्लेषण का प्रमुख केंद्र जिला सांख्यिकीय अधिकारी निर्मल ने कार्यालय के कार्यों पर विस्तार से चर्चा की और विभिन्न विभागों से प्राप्त हो रही रिपोर्टों में आ रही कमियों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए उन्हें दूर करने का अनुरोध किया। कार्यालय के कर्मचारियों ने रिपोर्ट प्रपत्रों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी।