संवाद न्यूज एजेंसी
ढांड। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत ढांड स्थित आईटीआई में प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कैथल एसडीएम अजय सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की।
उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि जो प्रशिक्षण आपने सप्ताह में यहां से प्राप्त किया है, वह आपके उज्ज्वल भविष्य में अहम योगदान देगा। यह योजना कारीगरों को रोजगार देने व आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत 17 सितंबर 2023 को विश्वकर्मा जयंती पर की थी। इस योजना का उद्देश्य देश के कारीगरों को प्रोत्साहन कर उन्हें रोजगार प्रदान करना है।
हमारी सांस्कृतिक विरासत में शिल्पकारों और कारीगरों का एक महत्वपूर्ण योगदान है। इन लोगों को आर्थिक रूप से सशक्त करने के लिए इस योजना की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत आवेदक को एक डिजिटल आईडी पीएम विश्वकर्मा डिजिटल सर्टिफिकेट, पीएम विश्वकर्मा आईडी कार्ड मिलेगा। जिला कार्यान्वयन समिति के सदस्य प्रवीण प्रजापति ने भी योजनाओं के बारे में बताया।
इस मौके पर जिला उद्योग विस्तार अधिकारी बलदेव आर्या ने सभी को प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी जगजीत सिंह व आईटीआई स्टाफ मौजूद रहा।
फायदे भी समझें
आवेदकों को व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्रों में ट्रेनिंग दी जाती है। सात दिन की बेसिक ट्रेनिंग के बाद प्रतिदिन 500 रुपये का प्रशिक्षण भत्ता मिलता है। यह राशि आधार से लिंक बैंक खाता में जाती है। इच्छुक लोग 15 दिनों की एडवांस ट्रेनिंग के लिए भी आवेदन कर सकते हैं। ट्रेनिंग में मुफ्त खाना और रहने की जगह उपलब्ध करवाई जाएगी। लाभार्थियों को तीन लाख रुपये का लोन मिलता है।