संवाद न्यूज एजेंसी
गुहला-चीका, कैथल। जल जीवन मिशन के तहत जल एवं स्वच्छता सहायक संगठन की ओर से गुहला के बीडीपीओ कार्यालय में आयोजित तीन दिवसीय एक दिवसीय क्षमता संवर्धन प्रशिक्षण कार्यक्रम बुधवार को संपन्न हुआ। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों को जल संरक्षण की दिशा में कार्य करने की शपथ दिलाई गई।
कार्यक्रम के अंतिम दिन 22 गांवों के सरपंचों, पंचों, ग्राम सचिवों और स्वयं सहायता समूहों ने हिस्सा लिया। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के वासो के जिला सलाहकार दीपक कुमार ने बताया कि विभाग की ओर से 29 जनवरी को जिले में जागरूकता कार्यक्रम चलाया गया।
इसके बाद पांच मार्च को गुहला में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ है। इस पूरे कार्यक्रम में 277 सरपंचों, 1108 पंचों, 277 स्वयं सहायता समूहों और लगभग 200 ग्राम सचिवों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इन प्रशिक्षण सत्रों में जल संरक्षण, जल जीवन मिशन, पेयजल की गुणवत्ता, विश्व जल दिवस, जल आपूर्ति योजना, ग्राम जल एवं सीवरेज समिति के अधिकारों एवं कर्तव्यों के साथ स्वयं सहायता समूहों की भूमिका पर विस्तृत जानकारी दी।
जिला सलाहकार ने बताया कि उन्होंने कार्यक्रम में जल पर्यावरण के महत्व, पारिस्थितिकी तंत्र में जल की भूमिका, भूमिगत जल स्तर के गिरने के कारणों और समाधान पर भी जानकारी दी। उपस्थित लोगों को विभाग के टोल फ्री नंबर के बारे में भी बताया उन्होंने कहा कि पीने के पानी से संबंधित शिकायत के निवारण के लिए जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के टोल फ्री नंबर 18001805678 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के आईईसी एक्सपर्ट विक्रम सिंह ने भी अटल भूजल योजना की विस्तृत जानकारी दी। जबकि बीआरसी विष्णु शर्मा ने ग्राम जल एवं स्वच्छता कमेटी के कर्तव्यों पर प्रकाश डाला।