संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। गुहला क्षेत्र को घग्गर नदी की बाढ़ से बचाव के लिए लगभग तीन करोड़ रुपये की लागत से टो वॉल (पक्का तटबंध) का निर्माण किया जाएगा। इसे लेकर सिंचाई विभाग की ओर से तैयार किया गया तीन करोड़ रुपये का एस्टीमेट मुख्यालय को भेजा गया था, जिसे स्वीकृति मिल चुकी है।
विभाग ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है और जनवरी माह में टेंडर व वर्क ऑर्डर जारी कर कार्य आरंभ होने की संभावना जताई जा रही है। विभाग का दावा है कि इस परियोजना को जून माह से पहले पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, ताकि मानसून सीजन से पहले ही गुहला क्षेत्र के लोगों को बाढ़ से होने वाली परेशानियों से राहत मिल सके।
उल्लेखनीय है कि हर वर्ष घग्गर नदी में बाढ़ आने पर गुहला क्षेत्र में भारी नुकसान होता है। बाढ़ का पानी रिहायशी इलाकों और खेतों तक पहुंच जाता है, जिससे लोगों को जान-माल के साथ-साथ फसलों का भी भारी नुकसान उठाना पड़ता है। गत वर्ष भी किसानों की कई एकड़ फसल बाढ़ की भेंट चढ़ गई थी। किसानों को तब बहुत नुकसान उठाना पड़ा था।
बाढ़ से बने थे नौ कट, आठ की हो चुकी मरम्मत ः पिछले वर्ष जुलाई माह में घग्गर नदी में आई भीषण बाढ़ के दौरान कई स्थानों पर रिंग बांध टूट गया था। इस दौरान गुहला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बनाई गई टो वॉल भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। टो वॉल के टूटने के बाद लाखों क्यूसेक पानी तेजी से गुहला क्षेत्र में फैल गया, जिससे इलाके में भारी तबाही हुई और नौ स्थानों पर कट बन गए थे।
सिंचाई विभाग का दावा है कि इन नौ कटों में से आठ को रिपेयर कराया जा चुका है, जबकि शेष एक कट को टो वॉल निर्माण के साथ ही ठीक किया जाएगा। क्षेत्रवासियों की ओर से टो वॉल को पक्का करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी, जिसे अब पूरा किया जा रहा है।
टो वॉल को जानें...
n टो वॉल एक प्रकार की छोटी रिटेनिंग वॉल होती है, जिसे आमतौर पर सड़क, पुल या तटबंध के आधार, यानी ढलान के निचले हिस्से में बनाया जाता है। इसका उद्देश्य मिट्टी के कटाव और खिसकाव को रोकना होता है, जिससे संरचना को मजबूती और स्थिरता मिलती है। पुलों, सड़कों और तटबंधों के निर्माण में टो वॉल मिट्टी के कटाव को रोकने के लिए एक आवश्यक हिस्सा मानी जाती है।
गुहला क्षेत्र को घग्गर नदी की बाढ़ से बचाव के लिए तीन करोड़ रुपये की टो वॉल के निर्माण का बजट स्वीकृत हो चुका है। इसी माह टेंडर प्रक्रिया पूरी कर कार्य आरंभ किया जाएगा और जून माह से पहले परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ के दौरान बने आठ कटों की मरम्मत पहले ही कराई जा चुकी है और लोगों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
-दिग्विजय शर्मा, सिंचाई विभाग के कार्यकारी अभियंता