संवाद न्यूज एजेंसी
कलायत। हिंदू धर्म में अमावस्या, यानी नए चंद्रमा का दिन, विशेष महत्व रखता है। पौष महीने में पड़ने वाली अमावस्या को पौष अमावस्या कहा जाता है। अबकी यह तिथि 19 दिसंबर को पड़ रही है। यह साल की अंतिम अमावस्या होने के कारण आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
पंडित विशाल शांडिल्य ने बताया कि पौष अमावस्या को छोटा पितृ पक्ष भी कहा जाता है। इस दिन पितरों का स्मरण और सम्मान करना मुख्य उद्देश्य होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन दान-पुण्य, पवित्र स्नान और पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होते हैं। पितरों के नाम पर दान देने और उनकी पूजा करने से उनका आशीर्वाद मिलता है, जिससे जीवन में सफलता और समृद्धि आती है।
उन्होंने बताया कि यह दिन पितृ दोष के प्रभाव को कम करने और जीवन की बाधाओं को दूर करने में भी सहायक माना जाता है। साथ ही सूर्य देव और भगवान विष्णु की पूजा करना लाभकारी होता है। उन्होंने बताया कि धन संबंधी समस्याओं के निवारण के लिए पौष अमावस्या के दिन शाम को शिवलिंग पर कच्चे दूध और दही से अभिषेक करने की परंपरा है, जिससे बिगड़े कार्य धीरे-धीरे सही दिशा में आते हैं।
राशि के हिसाब से अमावस्या पर किया गया दानपुण्य बहुत फलदायी होता
g मेष राशि के जातक को पौष अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त गर्म वस्त्र, कंबल, गर्म भोजन की चीजों का दान करना चाहिए।
g वृषभ राशि के जातक को गरीबों में धन और अन्न का दान करना चाहिए।
g मिथुन राशि के जातक को पितरों के निमित्त गन्ने का रस और जल से जुड़ी वस्तु का दान करना चाहिए।
g कर्क राशि के जातक को ब्राह्मण को सफेद खाद्य पदार्थों का दान करना चाहिए।
g सिंह राशि के जातक को पितरों के नाम से गुड़, चना, शहद का दान करना चाहिए।
g कन्या राशि के जातक घी में तैयार मूंग दाल में बने भोजन का दान करें।
g तुला राशि के जातक ब्राह्मणों को भोजन कराएं और जरूरतमंदों को सफेद वस्तुओं का दान करना करें।
g धनु राशि के जातक पितरों को खुश करने के लिए मिठाई, केला और पीले वस्त्रों का दान करें।
g वृश्चिक राशि के जातक पितरों के निमित्त गुड़, लाल कपड़े आदि का दान करें तो पितरों का आशीर्वाद सदा बना रहेगा।
g मकर राशि के जातकों को काली उड़द, तिल आदि का दान करना चाहिए।
g कुंभ राशि के जातकों को पौष अमावस्या के दिन पितरों के निमित्त धन और जूते-चप्पलों का दान करना चाहिए। g मीन राशि के जातकों को गर्म वस्त्र और खाद्य पदार्थों का दान करना चाहिए।