संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। ठंडक बढ़ते ही बीमारियों ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। किसी को खांसी के कारण गला रुक रहा है, तो किसी को बुखार और बदन दर्द ने परेशान कर रखा है। नागरिक अस्पताल में इन दिनों रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है। सामान्य दिनों में जहां ओपीडी करीब 1500 रहती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1700 तक पहुंच गई है।
सुबह से ही मरीज अस्पताल में पहुंचकर पर्ची कटवाने के लिए कतार में लग जाते हैं। भीड़ के कारण घंटों इंतजार के बाद पर्ची बनती है, फिर डॉक्टर के कमरे के बाहर लंबी लाइनें लग जाती हैं। दवा काउंटर पर भी भीड़ कम नहीं होती। कई मरीजों का कहना है कि पूरे दिन की मशक्कत के बाद इलाज मिल पाना ही राहत की बात हो जाती है।
आंखों में जलन की बढ़ी शिकायतें
नेत्र रोग विशेषज्ञ के कक्ष के बाहर भी मरीजों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। आंखों में जलन, खारिश और सूजन के मामलों में तेजी आई है। विशेषज्ञों का कहना है कि दीपावली के बाद वातावरण में फैला प्रदूषण इस समस्या की प्रमुख वजह है। कई अभिभावक अपने बच्चों को आंखों की जांच के लिए लेकर पहुंच रहे हैं। डॉक्टर लगातार सलाह दे रहे हैं कि बच्चे मोबाइल फोन का कम इस्तेमाल करें, क्योंकि उसकी रेडिएशन आंखों पर नकारात्मक असर डालती है।
मौसम बदल रहा है। इस दौरान खानपान पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। ठंडक बढ़ने के साथ ठंडे पेय या तले-भुने खाद्य पदार्थों से बचना चाहिए। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को इस मौसम में अधिक सावधानी बरतने की जरूरत है। दरअसल, बदलते तापमान में शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ सकती है, इसलिए संतुलित आहार और पर्याप्त नींद बेहद जरूरी है। -डा. रेनू चावला, सिविल सर्जन