कैथल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश व एनडीपीएस एक्ट की न्यायाधीश संगीता राय सचदेवा की अदालत ने स्मैक रखने के दोषी को तीन साल की कैद व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
पुलिस कर्मी कृष्ण ने नौ दिसंबर 2017 को थाना गुहला में यह केस दर्ज करवाया था। पैरवी करते हुए डीडीए सुरजीत आर्य ने बताया कि शिकायतकर्ता कृष्ण, हेड कॉन्स्टेबल राज सिंह, राजेश कुमार, शुभकरण, विक्रम सिंह और चालक तिलक राज गश्त पर निकले थे। खरकां चौक खरकां से सागरा गांव से माता गुजरी चौक की तरफ वे चले तभी एक युवक पुलिस की गाड़ी देखकर भागकर गली में जाने लगा। पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। वह पेंट की जेब से कोई वस्तु फेंकने की कोशिश करने लगा। पुलिस ने वह वस्तु बरामद की तो पता चला कि वह स्मैक थी। युवक ने अपना नाम जोगा उर्फ जोगाराम निवासी गांव खरकां बताया।
मामले में पुलिस ने थाना गुहला में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज करके आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने चालान तैयार करके अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनों पक्षों को ध्यान से सुनने के बाद आरोपी जोगा सिंह को स्मैक रखने का दोषी पाया। इसके बाद उसे तीन साल के कारावास व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।