कैथल। खेल विभाग ने एक अप्रैल से तीन नई सरकारी खेल नर्सरियां शुरु कर दी है। इससे जिलेभर के 75 खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। एक अप्रैल से शुरू की गई खेल नर्सरियों में दो हैंडबॉल व एक साइकिलिंग की नर्सरी शामिल है। साइकिलिंग की नर्सरी जिले में पहली बार शुरू हुई है। बता दें कि दो माह पहले बच्चों के पेपरों के चलते सभी खेल नर्सरियों को बंद कर दिया गया था। अब एक अप्रैल से इनको दोबारा से शुरू कर दिया गया है। पहले जिले में 22 सरकारी खेल नर्सरियां थीं अब एक अप्रैल से इनकी संख्या 25 हो गई हैं।
हैंडबॉल की एक नर्सरी गांव शेरगढ़ स्थित सरकारी स्कूल के प्रशिक्षण केंद्र में शुरू हुई है। यहां पर कोच पिंकी खिलाड़ियों को अभ्यास करवाती है। इस नर्सरी से आसपास के गांव के करीब 100 खिलाड़ियों को फायदा होगा। दूसरी हैंडबॉल नर्सरी खालसा पब्लिक स्कूल के प्रशिक्षण केंद्र पर शुरू की गई है। यहां पर कोच गुरमेल सिंह खिलाड़ियों को अभ्यास करवाते हैं। तीसरी साइकिलिंग नर्सरी ढांड क्षेत्र के गांव पबनावा स्थित खेल स्टेडियम में शुरू की है। कोच प्रदीप कुमार यहां पर अभ्यास करवा रहे हैं। ज्ञात रहे कि जिले में पहली बार साइकिलिंग का कोच मिला है।
जानकारी के अनुसार जिले में खेल विभाग की ओर से खिलाड़ियां को बेहतर अभ्यास कराने के लिए लाखों रुपये खेल नर्सरियों पर खर्च किए जाते हैं। जिले में सरकारी प्रशिक्षण केंद्रों निजी स्कूलों और सरकारी स्कूलों में कुल 56 नर्सरी शुरु हो चुकी हैं। विभाग की ओर से आठ से 14 साल तक के खिलाड़ियों को 1500 रुपये और 15 से 19 साल तक के खिलाड़ियों को दो हजार रुपये खुराक भत्ता दिया जाता है। ये खुराक भत्ता एक अप्रैल से शुरू हो जाएगा। विदित रहे कि निजी और सरकारी स्कूलों में 31 नर्सरी शुरू हो चुकी हैं। खिलाड़ी इन नर्सरियों में अभ्यास कर रहे हैं ताकि खेलों में जिले का नाम रोशन कर सकें।
जिला खेल अधिकारी रामनिवास ने कहा कि एक अप्रैल से तीन नई खेल नर्सरियां शुरू की है। पहले सरकारी खेल नर्सरियां 22 थी, जो अब 25 हो गई हैं। इन तीन नर्सरियों से जिले के लगभग 75 खिलाडिय़ों को फायदा होगा। समय समय पर सभी खेल नर्सरियों का निरीक्षण भी किया जाएगा और प्रशिक्षकों की उपस्थिति भी चेक की जाएगी।