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Kaithal News: हत्या के तीन दोषियों को उम्रकैद की सजा

Sat, 19 Apr 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। एडीजे अमित गर्ग की अदालत ने हत्या (सदोष मानव वध) के एक मामले में तीन दोषियों को उम्र कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने पर एक-एक महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

गांव बिरथे बाहरी निवासी एक व्यक्ति ने एक जुलाई 2022 को राजौंद थाने में केस नंबर 172 दर्ज करवाया था। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के भाई (अब मृतक) के साथ इसी गांव के विनोद उर्फ डब्बी, जोगिंद्र और गुरप्रीत का दो से तीन दिन पहले किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था जिनका गांव में ही निपटारा करवा दिया था, लेकिन विनोद, जोगिंद्र, गुरप्रीत इस बात की रंजिश लिए हुए थे। 29 जून 2022 को शिकायतकर्ता का भाई खेतों से घर आ रहा था।
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जब वह शराब ठेके के पास पहुंचा तो ठेके पर पहले ही विनोद, जोगिंद्र, गुरप्रीत खड़े थे। उस समय शिकायतकर्ता भी खेतों की तरफ घूमने के लिए जा रहा था। उसने देखा कि तीनों उसके भाई के साथ के साथ डंडे, लात घुसों से मारपीट कर रहे थे। शोर मचाने पर तीनों जान से मारने की धमकी देकर भाग गए।

शिकायतकर्ता अपने भाई को सरकारी अस्पताल राजौंद ले गया और बाद में सरकारी अस्पताल कैथल ले आया। वहां से गंभीर हालत को देखकर डाक्टर ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया लेकिन बीच रास्ते में उसकी मौत हो गई।

शिकायत पर पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया था। एडीजे अमित गर्ग ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद तीनों आरोपियों को सदोष मानव वध का दोषी पाया व उम्र कैद और 15-15 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एक दोषी गुरप्रीत उर्फ गोलू को उम्र कैद के अतिरिक्त एससी एसटी एक्ट में छह हजार रुपये अलग से जुर्माना किया गया है।
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सदोष मानव वध

यह कानूनी शब्द है जो किसी व्यक्ति की हत्या के लिए इस्तेमाल किया जाता है, बिना किसी पूर्व योजना या जानबूझकर इरादे के। यह तब होता है जब कोई व्यक्ति किसी कार्य से किसी की मृत्यु का कारण बनता है, जबकि उसे पता है कि ऐसा करने से मृत्यु होने की आशंका है।
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