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Kaithal News: मनरेगा घोटाले की जांच में तीन मनरेगा मेट निलंबित

Thu, 09 Jan 2025 02:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कैथल। जिले में 18 करोड़ रुपये के मनरेगा घोटाले में सांसद नवीन जिंदल की ओर से जांच के आदेश दिए जाने के बाद बीडीपीओ सीवन ने प्राथमिक जांच में कक्हेड़ी गांव के तीन मनरेगा मेट को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा चार जेई के कामों में भी खामियां उजागर हुई हैं।



निलंबित किए गए मेटों में कक्हेड़ी गांव के रणधीर सिंह, अनुज और सतपाल शामिल हैं। इसी क्रम में आरोपी चार जेई में सिंचाई विभाग के सरस्वती हेरिटेज डिवीजन नंबर-3 के जेई सोनू, शुभम धीमान, सलिंद्र कुमार और मुनीष कुमार के काम में खामियां मिली हैं। इनके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिखा गया है।
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इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि जूनियर इंजीनियरों को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। गौरतलब है कि जांच के दौरान सीवन के ककराला अनायत गांव में मनरेगा योजना के तहत काम में मिली है। जांच में सामने आया कि विदेश गए दो मनरेगा मजदूर की हाजिरी रिकॉर्ड में लगाई गई थी और उनकी मजदूरी की राशि गबन कर ली गई थी। सीवन की बीडीपीओ नेहा शर्मा ने बताया कि उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए सिंचाई विभाग को पत्र लिखा गया है।







ककराला गांव के विदेश में गए 40 लोगों की हाजिरी मनरेगा में लगाई



सीवन ब्लॉक के ककराला अनायत गांव में मनरेगा योजना के तहत विदेश में रह रहे 40 लोगों के फर्जी जॉब कार्ड बनाए गए थे। और उनकी हाजिरी लगाकर मजदूरी के लाखों रुपये हड़प लिए गए। गांव के ही अमरीक सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि गांव के करीब 22 लोग, जो जर्मनी, इटली, फ्रांस, मलेशिया और पुर्तगाल जैसे देशों में रहते हैं, उनके नाम पर जॉब कार्ड जारी किए गए हैं। इन्हें मनरेगा मजदूर दिखाकर उनके खातों में रुपए भेजे गए।

उनके खातों में भेजी गई लाखों रुपये की रकम में से इन मजदूरों को खाते से मामूली सी हजार दो हजार रुपये की रकम ही दी जाती थी। बाकी रुपये मेट व अधिकारियों के बीच बांट लिए जाते थे। उनके गांव में वास्तव में काम करने वाले मजदूरों की संख्या लगभग 40 है, लेकिन 328 लोगों के नाम पर जॉब कार्ड बनाए गए हैं। यह घोटाला 2022 से चल रहा था। अमरीक सिंह ने बताया कि उन्होंने कई बार इसकी शिकायत सीएम विंडो और डीसी को भी की लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं हुई।







जांच के लिए बनाई कमेटी, फिर होगी कार्रवाई



सीवन बीडीपीओ नेहा शर्मा ने बताया कि ककराला इनायत गांव के 40 से ज्यादा लोगों के विदेश में जाने और उनकी हाजिरी मनरेगा में लगाने की शिकायत उन्हें मिली है। इस मामले की जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है। कमेटी इस पूरे मामले की जांच कर रही है। ककराला अनायत गांव के सरपंच व सचिव से भी इस मामले में रिपोर्ट मांगी गई है।
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विधायक ने की थी शिकायत सांसद ने दिए थे जांच के आदेश



गत मंगलवार को जिला स्तरीय विकास समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक के दौरान गुहला के विधायक देवेंद्र हंस ने जिले के विभिन्न गांवों में मनरेगा कार्यों में हो रही अनियमितताओं का मुद्दा उठाया था। सांसद ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए मनरेगा के तहत 10 महीनों में हुए 18 करोड़ रुपयों के कार्यों की गहन जांच के आदेश थे। जिला निगरानी समिति की बैठक के दौरान मंगलवार को सांसद नवीन जिंदल ने कहा था कि मनरेगा ग्रामीणों को रोजगार देने के लिए बनाई गई है लेकिन यदि इसमें अनियमितताएं हो रही हैं तो इसे तुरंत रोका जाना चाहिए। उन्होंने जिला प्रशासन और संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि थे कि वे इन कार्यों की जांच करें और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें।
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