संवाद न्यूज एजेंसी
कैथल। अतिरिक्त सेशन जज डॉ. नंदिता कौशिक ने हत्या के मामले में तीन दोषियों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इनमें से एक पर 70 हजार व दो दोषियों पर 60-60 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर पांच महीने की अतिरिक्त जेल काटनी होगी।
राजकुमार निवासी गांव भागल ने चीका थाने में इस संदर्भ में मुकदमा कायम करवाया था। पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के छोटे भाई प्रिन्स ने सुनीता वासी नीमवाला जिला कुरुक्षेत्र के साथ प्रेम विवाह किया था। सुनीता के परिवार वाले इस शादी से खुश नहीं थे। सुनीता के माता-पिता, भाई तथा बहन कहते थे कि इस शादी को तुड़वा दो नहीं तो हम उसे मारकर बदला लेंगे।
हर रोज की तरह प्रिंस दो दिसंबर 2019 को अपनी दुकान पर चला गया। राजकुमार व उसका दोस्त गोगी बाइक पर प्रिंस का खाना देने मैंगड़ा पहुंचे तो देखा कि बलराम, जोनी, गुरदीप तीनों प्रिंस की दुकान पर खड़े थे। इस बीच बलराम ने पिस्तौल से प्रिंस पर फायर किये शोर मचाने पर वे मौके से भाग गये। राजकुमार व गोगी उसको इलाज के लिए सरकारी अस्पताल गुहला लेकर आए तो डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया।
आरोप है कि सुनीता के पिता गुरदीप सिंह, माता बिमला देवी, भाई काला व बहन प्रवीन ने बलराम, जोनी व गुरदीप को भेजकर प्रिंस की हत्या करवाई है। शिकायत मिलने पर पुलिस ने तीनों के खिलाफ केस दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया। जोनी और गुरदीप का नाम धारा 120-बी आईपीसी में था इसलिए सबूतों के अभाव में उन्हें बरी कर दिया गया। जबकि मनोज और प्रवीन के नाम सप्लीमेंटरी स्टेटमेंट में आए और उन पर दोष साबित हो गया। एडीजे डॉ. नंदिता कौशिक ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद बलराम, मनोज और प्रवीन को हत्या का दोषी पाया तथा उम्र कैद और जुर्माने की सजा सुनाई।