कैथल। श्री ग्यारह रुद्री शिव मंदिर, कैथल में श्रावण मास और शिवरात्रि पर्व के मद्देनज़र मंदिर समिति ने श्रद्धालुओं के लिए कुछ नियम लागू किए हैं। इसके तहत अमर्यादित वस्त्र पहनकर आने वालों को मंदिर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। मंदिर समिति ने स्पष्ट किया है कि श्रद्धालुओं को केवल मर्यादित और भारतीय परिधान में ही मंदिर में प्रवेश की अनुमति मिलेगी।
मंदिर के पुजारी मुनिंद्र मिश्रा ने बताया कि यह निर्णय मंदिर की गरिमा बनाए रखने और श्रद्धालुओं की भावनाओं का सम्मान करने के उद्देश्य से लिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति छोटे कपड़े, स्कर्ट, ऑफ शोल्डर ड्रेस, नाइट सूट या कटी-फटी जींस जैसे वस्त्रों में आता है, तो उसे मंदिर में प्रवेश नहीं मिलेगा। ऐसे श्रद्धालुओं से अनुरोध किया जाएगा कि वे बाहर से ही दर्शन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत एक सनातन परंपरा वाला देश है, लेकिन वेस्टर्न फैशन और पहनावे के कारण धार्मिक स्थलों की पवित्रता प्रभावित हो रही है। मंदिर समिति का कहना है कि श्रद्धालुओं से केवल इतना आग्रह है कि वे पूजा-पाठ जैसे आध्यात्मिक कार्यों के लिए मर्यादित वस्त्र पहनें।
उन्होंने कहा कि पुरुषों से अपेक्षा की गई है कि वे पैंट-कमीज़ या पारंपरिक धोती-कुर्ता पहनें, जबकि महिलाओं को भारतीय परिधान—साड़ी, सूट या सादे सलवार-कुर्ते—में आने की सलाह दी गई है। हर वर्ष सावन के महीने में यहाँ भव्य मेला आयोजित होता है, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दराज़ से पहुंचते हैं। मंदिर समिति ने सभी भक्तों से अपील की है कि वे मंदिर की परंपरा, शुचिता और धार्मिक भावनाओं का सम्मान करें, ताकि यह स्थान श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बना रहे। संवाद