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Kaithal News: चोर कर रहे वारदात, पुलिस की पकड़ से बाहर

Tue, 29 Apr 2025 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
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संवाद न्यूज एजेंसी
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कलायत। फिल्म धूम में चोर पुलिस को चकमा देकर निकल जाते थे और कलायत में भी पुलिस उन्हें ट्रेस नहीं कर पा रही। नाराज दुकानदारों और आम लोगों में घटनाओं का खुलासा न होने पर नाराजगी है। उन्होंने एसपी से मुलाकात कर कार्रवाई के लिए अनुरोध किया है।

गौरतलब है कि पुराने डीएसपी कार्यालय के नजदीक रेलवे रोड पर 15 व 16 अप्रैल की रात्रि एक साथ चार दुकानों के ताले चोरों ने तोड़कर लाखों की चोरी कर ली थी। इस संदर्भ में ठोस कार्रवाई के लिए दुकानदारों ने एसपी आस्था मोदी का दरवाजा खटखटाया।
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भूपेंद्र पाल, कपिल कांसल, सोनू, साहिल सिंगला और नंदलाल ने नाराजगी जताते हुए कहा कि चोरी की घटना के 12 दिन बीतने के बाद भी पुलिस चोरों को पकड़ नहीं सकी है। इससे दुकानदारों और आम लोगों में भारी रोष है।

सोमवार को प्रभावित दुकानदारों के साथ अन्य साथियों ने नव नियुक्त जिला पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी से मुलाकात कर वारदात के खुलासे का अनुरोध किया। दुकानदारों ने बताया कि नकदी, नोटों की माला, सोने की अंगूठी, चेन और अन्य लाखों का सामान चुरा ले गए।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस, सीआईए और फॉरेंसिक टीम मौके पर जांच के लिए पहुंची थी। घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दी थी पर नतीजा सिफर है। एसपी आस्था मोदी ने दुकानदारों को जल्द कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही जांच का जिम्मा कैथल सीआईए वन टीम को सौंपने के निर्देश दिए।
लोग बोले- पलक झपकते ही चोरी करके निकल जाते हैं अपराधी
शहर के लोगों का कहना है कि पलक झपकते ही चोर घटनाओंं को अंजाम देकर फुर्र हो जाते हैं। 10 अप्रैल को वार्ड नौ से पार्षद जगदीश रायका का मोटरसाइकिल चोर दिन दिहाड़े गली से चुरा ले गए। पार्षद ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। आरोप है कि शिकायत के बावजूद पुलिस जांच अधिकारी ने न तो संबंधित क्षेत्र की सीसीटीवी फुटेज को खंगाला न ही शिकायतकर्ता से घटना की जानकारी लेने के लिए मौका मुआयना किया।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस महानिदेशक व एसपी के पुलिस को निर्देश हैं कि चोरी की घटना की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई हो, लेकिन कलायत में शायद पुलिस को शीर्ष अधिकारियों के आदेशों की ज्यादा परवाह नहीं है। दुकानदार आम लोग और समाज सेवी संगठन बार-बार एक ही सवाल पूछ रहे हैं कि आखिरकार चोर गिरोह के लोगों के तार किस क्षेत्र से जुड़े हैं। घटना के बाद चोर कहां गायब हो जाते हैं। हैरानी तो उस समय हो गई जब एक पुलिस कर्मी ने चोरी गए सामान को भूल जाने का तर्क पार्षदों के शिष्टमंडल को दे डाला। कर्मी का कहना था कि चोरी गया सामान नसीब में होगा तो मिल जाएगा वरना घटना को भूलने में ही भलाई है। इससे शहर के लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है।
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