फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kaithal News: विधि शास्त्र के सिद्धांतों पर होगा विमर्श

Sat, 24 Aug 2024 04:39 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कैथल
विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

कैथल। महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय, कैथल में भारतीय ज्ञान परंपरा शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र की ओर से शनिवार को भारतीय ज्ञान परंपरा में विधि शास्त्र विषय पर कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें विधि शास्त्र के सिद्धांतों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।

तीन सत्रों में होने वाली यह कार्यशाला विश्वविद्यालय के टीक परिसर में आयोजित होगी। यह जानकारी कुलपति डॉ. रमेश चंद्र भारद्वाज ने दी है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के सेमिनार हॉल में सुबह 11 बजे इस कार्यशाला का उद्घाटन किया जाएगा। वर्तमान में भारतीय शिक्षा व्यवस्था में न्याय व्यवस्था (विधिशास्त्र) का व्यापक स्तर पर एलएलबी एवं एलएलएम पाठ्यक्रमों का स्नातक एवं स्नातकोत्तर स्तर पर अध्ययन एवं अध्यापन होता है इसलिए नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय ज्ञान परंपरा के अनुसार इसके पाठ्यक्रमों का निर्माण किया जा रहा है। इसी उद्देश्य को लेकर विश्वविद्यालय में यह कार्यशाला आयोजित की जा रही है।
विज्ञापन


इस कार्यशाला में देशभर से विधि शास्त्र एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के विद्वान इससे संबंधित सभी व्यावहारिक विषयों पर विमर्श करेंगे । साथ ही इसमें आधुनिक विधि विशेषज्ञों के साथ-साथ भारतीय धर्मशास्त्र, कौटिल्य के अर्थशास्त्र, मीमांसा एवं स्मृति शास्त्रों के विद्वान भी

उपस्थित होंगे।

डॉ. भारद्वाज ने बताया कि वर्तमान में भारत में जो न्याय व्यवस्था है उसमें प्राचीन भारतीय विधिशास्त्र का भी समायोजन है। इस कार्यशाला में प्राचीन भारतीय एवं आधुनिक विधि शास्त्र के सिद्धांतों के तुलनात्मक अध्ययन के आधार पर विमर्श किया जाएगा व इस पर पाठ्यक्रम का भी निर्माण किया जाएगा।

महर्षि वाल्मीकि संस्कृत विश्वविद्यालय में लगातार सम्मेलन, संगोष्ठी, कार्यशाला आदि का आयोजन किया जाता रहा है। इसी कड़ी में विश्वविद्यालय विधिशास्त्र पर संगोष्ठी आयोजित करने जा रहा है।
विज्ञापन


गत वर्ष भी भारतीय ज्ञान परंपरा शोध एवं प्रशिक्षण केंद्र की ओर से भारतीय गणित परंपरा, भारतीय खगोल विद्या, भारतीय रसायन विद्या, भारतीय राजनीति विज्ञान, भाषा विज्ञान के विषयों पर कार्यशाला के माध्यम से पाठ्यक्रम तैयार किए गए थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें