कैथल। चुनाव आयोग के निर्देशानुसार लोकसभा चुनाव और 12 राज्यों के 25 विधानसभाओं के उप चुनाव के कारण लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 क की उपधारा एक व भारत आयोग की अधिसूचना की उपधारा 2 के दृष्टिगत 19 अप्रैल 2024 से 1 जून 2024 तक कोई भी व्यक्ति और मीडिया किसी भी प्रकार का एग्जिट पोल का आयोजन नहीं कर सकता है। यदि लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा का उल्लंघन करता है तो उसको दो वर्ष तक का कारावास या जुर्माना अथवा दोनों दंड दिए जा सकते हैं। ये जानकारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं डीसी प्रशांत पंवार ने दी।
डीसी ने कहा कि आदर्श आचार संहिता का पालन करना सभी का कर्तव्य है। लोकसभा चुनाव 2024 के साथ-साथ 12 राज्यों के 25 विधानसभाओं के उप निर्वाचन के चलते 19 अप्रैल 2024 को पूर्वाहन सात बजे से एक जून 2024 अपराहन साढ़े छह बजे तक लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की धारा 126 क व भारत निर्वाचन आयोग की उप धारा दो के उपबंधों के दृष्टिगत कोई निर्गम मत सर्वेक्षण नहीं करेगा। इसके अलावा किसी निर्गम मत सर्वेक्षण के परिणाम को प्रिंट या इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से प्रकाशन, प्रचार या किसी भी प्रकार की अन्य रीति में प्रचार नहीं करेगा। अगर कोई भी लोप्रअ 1951 की धारा का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।